पश्चिम बंगाल CM ममता बनर्जी पर सरकार की कार्रवाई से बढ़ेगी लोगों की सहानुभूति- सपा सांसद राजीव राय

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने शुक्रवार को कहा कि अगर सरकार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो इसका केवल उल्टा असर होगा और उनकी लोकप्रियता में और इजाफा होगा। राय ने ANI से बातचीत में कहा, “अगर चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश उपचुनावों में वही ताकत दिखाई होती, तो नतीजे अलग हो सकते थे। सरकार चाहे जितनी भी मशीनरी का इस्तेमाल ममता दीदी (ममता बनर्जी) के खिलाफ करे, इससे केवल जनता में उनकी सहानुभूति बढ़ेगी। उनका समर्थन और भी बढ़ेगा।”

ममता बनर्जी की आलोचना

यह बयान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर किए गए आरोपों के बाद आया है। ममता ने चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए इसे “राजनीतिक हस्तक्षेप” बताया। ममता ने आरोप लगाया कि राज्य में 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों से एक “अघोषित आपातकाल” का रूप ले लिया है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “चुनाव आयोग ने बंगाल को चुन-चुनकर निशाना बनाया है। इससे पहले की चुनाव की अधिसूचना भी जारी नहीं हुई थी, लेकिन 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया गया है। यह पूरी तरह से राजनीतिक हस्तक्षेप है।”

चुनाव आयोग की भूमिका

चुनाव आयोग ने 2026 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की दो चरणों में होने वाली प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल 2026 को होगा, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को किया जाएगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

राजीव राय ने अपने बयान में यह भी कहा कि चुनाव आयोग को बंगाल में निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए और इस प्रकार के हस्तक्षेप से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते हैं।

चुनाव की तारीखें और उम्मीदवारों के लिए निर्देश

पहले चरण के लिए 30 मार्च को गजट अधिसूचना जारी की जाएगी, जबकि दूसरे चरण के लिए 2 अप्रैल को गजट अधिसूचना जारी की जाएगी। उम्मीदवारों के नामांकन की आखिरी तारीख 6 और 9 अप्रैल निर्धारित की गई है।

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