राजधानी को भीख-मुक्त बनाने की सरकार बना रही योजना, सड़कों पर नहीं दिखेंगे भिखारी

कोई भी बड़ा इवेन्ट हो उसमें सबसे ज्यादा दिक्कत का फ्लाईओवर और फुटपाथों के नीचे जिंदगी काट रहे लोगों और भिखारियों को होता है।

पूरे देश में जी20 सम्मेलन को लेकर तैयारियां की जा रही है। राजधानी दिल्ली भी आगामी जी -20 शिखर सम्मेलन के लिए तैयार है। कोई भी बड़ा इवेन्ट हो उसमें सबसे ज्यादा दिक्कत का फ्लाईओवर और फुटपाथों के नीचे जिंदगी काट रहे लोगों और भिखारियों को होता है। दिल्ली सरकार ने इनका ध्यान रखते हुए इन्हे भिखारियों सहित कुल 570 बेघर व्यक्तियों को आईएसबीटी के पास से हटाकर गीता कॉलोनी, अवंतिका, रोहिणी और द्वारका सेक्टर 3 में आश्रय घरों में शहर के बाहरी इलाकों में स्थानांतरित कर दिया।

दिल्ली की केजरीवाल सरकार भिखारियों के लिए खास तैयारी में जुटी हुई है। सरकार का प्रयास है कि राजधानी की सड़कों पर भीख मांगते भिखारी नजर न आएं। जी-20 की मेन मीटिंग से पहले दिल्ली सरकार 2 स्किल सेंटर खोलने जा रही है जिसकी मदद से भिखारियों को अजीविका कमाने के गुर सिखाए जाएंगे। सामाजिक कल्याण मंत्री राज कुमार आनंद ने बताया कि “हम भिखारियों को बचाने और उन्हें आश्रय घरों में स्थानांतरित करने के लिए एक काम कर रहे हैं और इसके लिए एक समिति बनाई गई है।

भिखारियों के लिए उनके स्किल में सुधार कर उनको अजीविका कमाने के गुण सिखाने के लिए सेवा कुटीर और लामपुर में दो स्किल सेंटर खोले जाएंगे। यहां भिखारियों को कई तरह के काम सिखाए जाएंगे। भिखारियों को ब्यूटीशियन, सिलाई और अन्य पाठ्यक्रमों जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे, ताकि वे भीख मांगना बंद कर सकें और एक अच्छा सम्मानित जीवन अपना सकें। सामाजिक कल्याण मंत्रालय और इंस्टिट्यूट फॉर ह्युमन डेवलेपमेंट के एक सर्वे के दौरान दिल्ली में 20,719 लोग ऐसे हैं जो भीख मांगकर अपना जीवन जी रहे हैं। इनमें 10987 पुरुष और 9541 महिलाएं हैं। वहीं इनमें से 191 ट्रांसजेंडर भी हैं। ईस्ट दिल्ली में सबसे ज्यादा 2797 भिखारी हैं।

सामाजिक कल्याण मंत्री राज कुमार आनंद ने बताया कि योजना नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और अन्य प्रमुख स्थानों को G20 शिखर सम्मेलन से पहले भीख-मुक्त बनाने की है, लेकिन हम पूरी राजधानी को भीख-मुक्त बनाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग भी आश्रय घरों को बढ़ाने की योजना बना रहा है और सेवा कुटीर और लामपुर में दो नए कौशल केंद्र बना रहा है। हम चाहते हैं कि हर कोई काम करे और एक अच्छा जीवन जिए।

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