UP में पराली जलाने को लेकर सरकार सख्त , सीबीजी यूनिट लगाने का दिया प्रस्ताव !

उत्तर प्रदेश सरकार ने पराली न जलाने को लेकर बड़े कदम उठाये। हर साल सरकार पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए किसानों से पराली न जलाने का आग्रह करती है

उत्तर प्रदेश सरकार ने पराली न जलाने को लेकर बड़े कदम उठाये। हर साल सरकार पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए किसानों से पराली न जलाने का आग्रह करती है। इसके बावजूद भी सर्दियों के शुरूआती दिनों में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। कई शहरों की हालत तो इतनी ख़राब हो जाती है की वहाँ साँस लेने में भी दिक्कत होती है। इस बार सरकार ने ऐसी किसी भी परिस्तिथि से बचने के लिए पहले ही प्लान तैयार कर लिया है।

उत्तर भारत के कई राज्यों में खरीफ की फसल की कटाई के बाद बची हुयी पराली सरकार द्वारा सख्ती के बाद भी जलायी जाती रही है । इस बार राज्यों ने पहले से ही अपनी अपनी तैयारी कर रखी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने भी कई इंतजाम कर रखे हैं। जिससे परली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार कृषि अपशिष्ट आधारित सीएनजी व कंप्रेस्ड बायो गैस ( सीबीजी ) यूनिट लगाने पर सब्सिडी देगी। इससे किसान भी अपने खेत की पराली के बदले लाभ कमा सकते है। केंद्र सरकार इस प्रकार की यूनिट स्थापित करने पर 20 प्रतिशत व राज्य सरकार 30 प्रतिशत की सब्सिडी देती है।

इंडियन ऑयल गोरखपुर के दक्षिणांचल स्थित धरियारपुर में सीएनजी एवं सीबीजी इकाई लगाई जा रही है। 160 करोड़ की लागत से बनी इस इकाई में पराली के साथ-साथ धान की भूसी , गन्ने की पत्ती , गोबर आदि कृषि अपशिष्ट का प्रयोग किया जायेगा। इसकी वजह से न सिर्फ पराली जलाने की समस्या से निजात मिलेगा बल्कि यह रोजगार के भी नए अवसर देगा।

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