
Uttar-Pradesh: ग्रेटर नोएडा के डेल्टा वन इलाके में दूषित पानी पीने से 25 लोग बीमार हुए हैं। इस घटना के बाद प्रशासन ने जलापूर्ति की स्थिति को गंभीरता से देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा सभी स्थानों पर रैंडम जांच के निर्देश दिए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पानी में कोई और संदूषित तत्व न हो।
बता दें, बीमार लोगों को उपचार देने के लिए मेडिकल कैंप का आयोजन भी किया गया है, जिसमें क्षेत्रीय स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने लोगों की जांच की और इलाज की व्यवस्था की। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि पानी की गुणवत्ता की जांच जल्द से जल्द की जाए। अधिकारियों ने बताया कि सीवर मिश्रित पानी होने की आशंका को लेकर जांच जारी है। इसके साथ ही पानी के नमूने लैब में भेजे गए हैं ताकि इसकी वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
वहीं, ग्रेटर नोएडा में इस तरह की घटनाओं को लेकर लोगों में भय का माहौल है, और प्रशासन ने दूषित पानी की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। इसके साथ ही नागरिकों को पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर लोग अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
बता दें, पानी की गुणवत्ता में कमी के कारण कई लोगों को उल्टी, दस्त और पेट में दर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। बीमार हुए लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें तुरंत उपचार दिया गया।
वहीं, स्थानीय निवासी, जो दूषित पानी पी चुके थे, उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया है कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए जल्द से जल्द उचित कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल उनके जीवन का सवाल नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों की सेहत और सुरक्षा का सवाल है।
प्रशासन ने इस घटना के बाद कई निवारक उपायों की घोषणा की है। रैंडम पानी जांचों के अलावा, सभी जलापूर्ति लाइनों की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों ने जल शुद्धिकरण संयंत्र की स्थिति पर भी ध्यान दिया है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन का कहना है कि वह इस मुद्दे पर गंभीर है और इस पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बता दें, पानी की जांच के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा, प्रशासन ने बताया कि अगर पानी में कोई भी दूषित तत्व पाया जाता है, तो तत्काल उस क्षेत्र की जलापूर्ति को रोक दिया जाएगा और नवीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हालांकि, ग्रेटर नोएडा प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी पानी की आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर तुरंत हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। इस हेल्पलाइन का नंबर 1800-XXXX-XXXX है, जिस पर लोग अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं।









