
प्रयागराज; इलाहाबाद हाई कोर्ट में ज्ञानवापी सर्वेक्षण को लेकर हिंदू-मुस्लिम पक्ष के बीच बहस जारी है. मामले की सुनवाई हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कर रहे हैं. कोर्ट में पहले मुस्लिम पक्ष के वकील ने हिंदू पक्ष की शिकायत को पढ़ा. मुस्लिम पक्ष की तरफ से वकील एसएफए नकवी बहस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष के पास साक्ष्य नहीं है बिना साक्ष्य के ही हिंदू पक्ष द्वारा वाद दायर किया गया है.
मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा कि एक अर्जी दाखिल होती है और इमिडियेट जिला कोर्ट द्वारा साइनटिफिक सर्वे का आदेश कर दिया गया, जो गलत है. सीपीसी कहती है कि सर्वे कमीशन भेजा जा सकता है. सरकार को भी इस संदर्भ में निर्देश दिया जा सकता है.
मुस्लिम पक्ष ने तर्क दिया कि साइंटिफिक सर्वे के आदेश के पूर्व… वह मौके पर जाकर यह स्पष्ट कर सकते हैं कि विवादित स्थल पर साइंटिफिक सर्वे आसानी से हो सकता है या नहीं. इसमें क्या दिक्कतें आ सकती हैं. सहूलियत के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं.
वहीं, हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि हम लोग ज्ञानवापी में खुदाई करने नहीं जा रहे हैं. साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अगर खुदाई की जरूरत पड़ी तो उस खुदाई से स्टेचर को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा.
चीफ जस्टिस ने हिंदू पक्ष के वकील विष्णुशंकर जैन से पूछा कि आप बार-बार ASI को अपनी एप्लीकेशन रेफर करने के लिए क्यों बोल रहे हैं? हालांकि, आपने ASI को पार्टी तो बनाया नहीं है? जैन ने कहा कि किसी एक्सपर्ट को कभी भी पार्टी नहीं बनाया जा सकता. ASI का काम कोर्ट को सलाह देना है. चीफ जस्टिस ने जैन से मजाकिया लहजे में पूछा क्या HC भी ASI के अधिकार क्षेत्र में है.
हाईकेोर्ट के CJ ने मुस्लिम पक्ष के वकील फरमान नकवी से कहा कि हिंदू पक्ष की एप्लीकेशन पर अपना पक्ष रखें. मुस्लिम पक्ष के वकील फरमान नकवी ने वाराणसी कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को पढ़ना शुरू किया. CJ ने फरमान नकवी से कहा की वाराणसी मामले में अब कोर्ट को अपनी शिकायत के संबंध में दलीलों से संतुष्ट करने की कोशिश करिए. और ये अवैध क्यों है इस बारे में बताइए?
CJ ने हिंदू पक्ष से पूछा कि इस मामले में ASI की कानूनी रूप से कितनी जरूरत है? जैन ने कहा कि ASI एक स्थाई इकाई है. SC ने ASI को एक प्रीमियम एजेंसी के रूप में बताया है. जिसकी विश्वनीयता पर प्रश्न चिन्ह नहीं लगाया जा सकता.
CJ ने हिंदू पक्ष के वकील से पूछा कि आपका खुदाई से क्या मतलब है? इसको स्पष्ट करें? जैन ने जवाब में कहा कि हम उस एरिया में छोटी खुदाई करेंगे, स्ट्रक्चर से कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगे. वकील विष्णुशंकर जैन ने कहा कि मैं कह रहा हूं कि स्ट्रक्चर से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होगी।
CJ ने कहा कि आप बिल्डिंग को किसी भी तरह से टच नहीं करेंगे। इसके बाद जैन ने कहा कि एक्सिस्टिंग बिल्डिंग से किसी भी तरह का डैमेज नहीं होगा. कोर्ट ने वीडियोग्राफी की भी बात कही.
बड़ी बात——
CJ ने मुस्लिम पक्ष के वकील फरमान नकवी से कहा कि अगर आपको हिंदू पक्ष की कोर्ट में कही जा रही बातों पर भरोसा नहीं है तो… कोर्ट के ऑर्डर पर कैसे भरोसा करेंगे? आपके मुताबिक इतनी बातों के बावजूद आप अभी भी कह रहे हैं कि हिंदू पक्ष स्ट्रक्चर को डैमेज करेगा.









