हज करने वालों को मिलेगा अब स्मार्ट बैंड…सुरक्षा और सुविधा को बढ़ावा देने की नई पहल

यह बैंड विशेष रूप से बुजुर्ग और ऐसे यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है, जो स्मार्टफोन ऐप का उपयोग करने में असुविधा महसूस करते हैं।

हज-2026 को लेकर हज कमेटी ऑफ इंडिया ने एक नई और तकनीकी पहल की है, जो भारतीय हज यात्रियों के लिए सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। इस साल से, सऊदी अरब जाने वाले सभी भारतीय हज यात्रियों को एक विशेष स्मार्ट बैंड दिया जाएगा, जिसे पहनना अनिवार्य होगा।

जानकारी के लिए बता दें कि इस स्मार्ट बैंड में कई आधुनिक तकनीकी सुविधाएं होंगी, जिनमें कॉलिंग सुविधा, एसओएस इमरजेंसी बटन, रीयल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग, किबला कंपास, नमाज के समय का अलर्ट और स्वास्थ्य मॉनिटरिंग (जैसे हृदय गति, ऑक्सीजन स्तर और पेडोमीटर) शामिल हैं। यह बैंड विशेष रूप से बुजुर्ग और ऐसे यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है, जो स्मार्टफोन ऐप का उपयोग करने में असुविधा महसूस करते हैं।

हज यात्रा के दौरान मक्का और मदीना में लाखों की भीड़ के बीच, यात्रियों का अलग-थलग पड़ जाना या आपात स्थिति में सहायता न प्राप्त कर पाना एक सामान्य समस्या होती है। इस समस्या का समाधान करने के लिए हज कमेटी ने यह स्मार्ट बैंड लागू किया है, जिससे हज यात्रा को और भी सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जा सके।

इस बैंड को हज सुविधा ऐप से जोड़ा जाएगा, जिससे जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के कंट्रोल रूम से यात्रियों की लोकेशन की निगरानी की जा सकेगी। एसओएस बटन दबाने पर तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा, और सहायता टीम यात्रियों तक पहुंच सकेगी। यह सुविधा यात्रियों के लिए एक बड़ा सुरक्षा उपाय साबित हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो आपातकालीन स्थिति में अकेले होते हैं।

हालांकि, यह सुविधा मुफ्त नहीं होगी। प्रत्येक हज यात्री को इसके लिए 5000 रुपये का शुल्क देना होगा। यात्रियों को जनवरी में ही इस बैंड के उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि यात्रा के दौरान वे इस तकनीकी सुविधा का सही तरीके से इस्तेमाल कर सकें।

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