Indian Defence Sector: पिछले कुछ सालों में भारत डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को शानदार समर्थन मिला है। सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक जियोपॉलिटिकल हालात और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सरकार की सख्ती ने यह साफ कर दिया है कि अब रक्षा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर रहना जोखिम भरा है। इसी सोच से आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) पहल को मजबूती दी गई और डिफेंस कैपिटल खर्च लगातार बढ़ाया जा रहा है ।
इस पॉलिसी सपोर्ट का असर शेयर बाजार में भी दिखा है साल 2022 से 2024 की शुरुआत तक डिफेंस शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है। हालांकि, प्रोजेक्ट्स की लंबी समयसीमा और बाजार की अस्थिरता के चलते कई स्टॉक्स अपने ऊपरी स्तर से नीचे आ गए। इसी गिरावट में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में थे जो HAL और BEL हैं।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) का बिजनेस मॉडल
भारत की सबसे बड़ी एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (Hindustan Aeronautics Limited) जो भारतीय वायुसेना, नौसेना और थलसेना के लिए फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर, इंजन और उनके रखरखाव के लिए काम करती है, तेजस फाइटर जेट, Su-30MKI, ध्रुव हेलीकॉप्टर और LCH जैसे प्लेटफॉर्म HAL की पहचान हैं। कंपनी का सबसे बड़ा फायदा इसका लंबा ऑर्डर बुक और MRO सेवाओं से मिलने वाला स्थिर रेवेन्यू है। हालांकि, HAL का बिजनेस कैपिटल-इंटेंसिव है और प्रोजेक्ट डिले का जोखिम भी रहता है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) की ताकत
वहीं अगर बात करें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (Bharat Electronics Limited) की तो ये कंपनी डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स में लीडर मानी जाती है। आधुनिक युद्ध में रडार, कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की अहम भूमिका होती है और BEL इसी क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखती है। BEL का बिजनेस मॉडल HAL के मुकाबले कम पूंजी मांगता है और इसके प्रोजेक्ट्स तेजी से पूरे होते हैं। बार-बार अपग्रेड की जरूरत के कारण कंपनी को रिपीट ऑर्डर मिलते रहते हैं। इसके अलावा स्पेस, रेलवे और स्मार्ट सिटी जैसे नॉन-डिफेंस सेक्टर में एंट्री ने इसके ग्रोथ विकल्प और बढ़ा दिए हैं।









