यूपी में गर्मी और आंधी-बारिश का दोहरा कहर, बांदा 43.2 डिग्री के साथ देश में सबसे गर्म; 25 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस वक्त मौसम ने दोहरा रंग दिखाया है। जहां एक ओर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली का कहर जारी है और हवाएं 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर सूर्य देव के तीखे तेवरों ने आम जनजीवन को बुरी तरह बेहाल कर रखा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप अभी बरकरार रहेगा। पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश का बांदा जिला 43.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ पूरे देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया। इस बीच आईएमडी ने लखनऊ, गाजीपुर समेत प्रदेश के 25 जिलों के लिए हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक लखनऊ, उन्नाव, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, बहराइच, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र, श्रावस्ती और सीतापुर सहित 14 अन्य जिलों में लू और भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर चल रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि 20 जून तक तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी। लेकिन रात के तापमान में सामान्य से 1.6 से 3.0 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिसके चलते रात के वक्त उमस और गर्मी से फिलहाल छुटकारा मिलता नहीं दिख रहा।

भीषण तापमान और लू को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को सब्जियों की फसलों और फलों के बागानों में तुरंत सिंचाई करने को कहा गया है। फसलों की मिट्टी में नमी बरकरार रखने के लिए पुआल या नमी संरक्षण के उपाय अपनाने की बात कही गई है, जबकि छोटे फलों के पौधों को झुलसाने वाली धूप से बचाने के लिए अस्थायी शेड नेट लगाने की सलाह दी गई है।

हालांकि प्रदेशवासियों को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जल्द ही बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 से 23 जून तक उत्तर प्रदेश का मानसून का इंतजार खत्म हो जाएगा। लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) के वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार, हाल के दिनों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है क्योंकि अरब सागर से आने वाली नमी का प्रवाह कमजोर हुआ है और उत्तर-पश्चिम भारत में गर्म व शुष्क पश्चिमी हवाओं का दबदबा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि आने वाला पश्चिमी विक्षोभ इन शुष्क हवाओं के असर को कम करेगा, जिससे पूरे उत्तरी क्षेत्र में नमी बढ़ेगी और मौसम का यह मिजाज बदल सकता है।

Related Articles

Back to top button