
लखनऊ : चाइनीज़ मांझे से होने वाली मौतों और चोटों पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि चाइनीज़ मांझे पर बैन लगाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
कोर्ट ने कहा कि न केवल चाइनीज़ मांझे की बिक्री और इस्तेमाल को रोका जाए, बल्कि पीड़ितों को उनके चिकित्सा खर्चों सहित मुआवजा देने पर भी विचार किया जाए। इसके अलावा, अभिभावकों और बच्चों में चाइनीज़ मांझे के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाने पर भी ज़ोर दिया।
यह आदेश एक लोकहित याचिका (PIL) पर दिया गया, जिसे वकील एम.एल. यादव ने 2018 में दायर किया था। इस याचिका में चाइनीज़ मांझे के कारण हुई घटनाओं के आधार पर उस पर सख्त बैन लगाने की मांग की गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, चाइनीज़ मांझे से लगभग 10 लोग घायल हो गए हैं और कुछ की मौत भी हो चुकी है।
राज्य सरकार की ओर से चीफ स्टैंडिंग काउंसलर (CSC) शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सरकार ने चाइनीज़ मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर नियंत्रण के लिए आदेश जारी किए हैं। हालांकि, कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब लोग चाइनीज़ मांझे से घायल होते हैं, तो राज्य अधिकारी उस समय कार्रवाई क्यों नहीं करते।
कोर्ट ने राज्य सरकार को इस मामले में एक ठोस सिस्टम बनाने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 मार्च को तारीख तय की।









