
महाकुंभ- शाही स्नान का बहुत महत्व है. हिंदू धर्म में शाही स्नान का बहुत अधिक महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शाही स्नान के दिन गंगा जी में स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। आज भी शाही स्नान चल रहा है। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर तीसरा ‘शाही स्नान’ जारी है। इस पवित्र अवसर पर लाखों श्रद्धालु संगम में पुण्य की डुबकी लगा रहे हैं। वहीं, अखाड़ों का पारंपरिक ‘शाही स्नान’ भव्यता के साथ संपन्न हो रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजामों के बीच पहले स्नान का शुभारंभ सुबह 5 बजे हुआ।
इसी बीच चल रहे शाही स्नान को लेकर किन्नर अखाड़े से निष्कासित लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी का बड़ा बयान सामने आया है। किन्नर अखाड़े से निष्कासन के बाद लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने मीडिया से बात करते हुए इस पर अपना बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद को निष्कासित नहीं मानतीं, क्योंकि अखाड़े से जुड़ी कुछ स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
लक्ष्मी ने ममता कुलकर्णी के मामले पर भी बयान दिया और कहा कि ममता को भी अखाड़े से नहीं निकाला गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ममता कुलकर्णी की तबीयत खराब होने के कारण वह महाकुंभ में स्नान करने नहीं आईं थीं।
“ममता ने किन्नर अखाड़े को कोई पैसे नहीं दिए”
लक्ष्मी ने इस पर भी प्रतिक्रिया दी कि ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े को कोई पैसे नहीं दिए थे, जैसा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता के नाम पर जानबूझकर बदनामी फैलाई जा रही है।
“ममता के सभी अकाउंट फ्रीज हैं”
लक्ष्मी ने यह भी बताया कि ममता कुलकर्णी के सभी बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं, जिससे उनका वित्तीय लेन-देन प्रभावित हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता के खिलाफ साजिश रची जा रही है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
यह बयान किन्नर समाज और अखाड़े के भीतर चल रही विवादों को लेकर नया मोड़ पेश करता है।









