
केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (डीओपीटी) ने उत्तर प्रदेश कॉडर की 2004 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनामिका सिंह का स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) आवेदन स्वीकार कर लिया है। 30 जनवरी से यह आदेश प्रभावी होगा। अनामिका सिंह वर्तमान में यूपी के खाद्य आयुक्त के पद पर कार्यरत थीं, और उनका वीआरएस आवेदन केंद्र सरकार द्वारा प्रतिनियुक्ति की अनुमति न मिलने के कारण आया था।
सूत्रों के अनुसार, अनामिका सिंह को सितंबर 2025 में बरेली का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया था, लेकिन बाद में उनका तबादला रद्द कर उन्हें खाद्य आयुक्त के पद पर बनाए रखा गया। अनामिका सिंह ने केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाने की इच्छा जताई थी, जिसके लिए उन्होंने राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी मांगा था। हालांकि, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की अनुमति न मिलने से वह नाराज हो गईं और इस कारण उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन किया।
प्रशासनिक हलकों में अनामिका सिंह के वीआरएस लेने के फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के कारणों को पारिवारिक कारणों से जुड़ा बताया। राज्य सरकार ने दिसंबर 2025 में उनके वीआरएस आवेदन पर सहमति जताते हुए इसे डीओपीटी को भेज दिया था, जहां से इसे मंजूरी मिल गई।
अनामिका सिंह को एक सशक्त और ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता है, और उनके वीआरएस के फैसले को प्रशासनिक जगत में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।









