
हैदराबाद: कांग्रेस के सांसद अनिल कुमार यादव ने रविवार को भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता केटी रामा राव (KTR) को ड्रग टेस्ट कराने की चुनौती दी। यह चुनौती हैदराबाद के एक फार्महाउस में ड्रग पार्टी के मामले को लेकर उठे विवाद के बाद दी गई। यादव ने दावा किया कि KTR और उनकी पार्टी के नेताओं के बीच ड्रग नेटवर्क से संबंध हो सकते हैं और इसके लिए उन्होंने KTR से ब्लड टेस्ट कराने की अपील की।
बता दें, यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि तेलंगाना पुलिस की एलीट टीम ‘EAGLE’ ने रंगारेड्डी जिले के मोइनाबाद में पूर्व BRS विधायक पायलट रोहित रेड्डी के फार्महाउस पर छापेमारी की। इस छापेमारी में पुलिस ने कथित रूप से ड्रग्स और एक रिवॉल्वर बरामद किया। इसके अलावा, TDP सांसद महेश कुमार भी फार्महाउस पर मौजूद थे। यादव ने आरोप लगाया कि फार्महाउस पर डिनर के लिए KTR और उनके साथी भी बुलाए गए थे, लेकिन वे नहीं आए।
उन्होंने कहा, “यह घटना यह दर्शाती है कि तेलंगाना में ड्रग माफिया अब भी KTR और उनके साथियों के नियंत्रण में है। इसलिए KTR को अपना ब्लड टेस्ट करवाना चाहिए ताकि यह साबित हो सके कि वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल नहीं हैं।” यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी राज्य में बढ़ते ड्रग के खतरे को लेकर गंभीर हैं और यह समस्या पिछली सरकार के नेताओं से उपजी है, जो आसानी से ड्रग्स उपलब्ध करा रहे थे।
पुलिस ने बताया कि फार्महाउस पर बिना अनुमति के पार्टी चल रही थी, जिसके बाद ऑपरेशन के दौरान 11 लोगों को हिरासत में लिया गया। छापेमारी के दौरान कुछ संदिग्ध नशीला पदार्थ भी बरामद किया गया और एक रिवॉल्वर से गोली चली। प्रारंभिक ड्रग टेस्ट में पांच लोगों के नतीजे पॉजिटिव आए, बाद में ब्लड सैंपल टेस्ट में एक और व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया, जिससे कुल संख्या छह हो गई।
पॉजिटिव पाए गए लोगों में TDP सांसद महेश कुमार और BRS के पूर्व विधायक पायलट रोहित रेड्डी शामिल थे।
बता दें, इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए BRS के वर्किंग प्रेसिडेंट KTR ने कहा कि वह ड्रग्स के खिलाफ हैं और ड्रग टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। उन्होंने ट्वीट किया, “मैं ड्रग्स और गैर-कानूनी चीजों के खिलाफ हूं। मेरी पार्टी BRS भी इनका विरोध करती है। ड्रग्स का इस्तेमाल करने या बेचने वालों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए।”
वहीं, KTR ने कहा, “इसके बावजूद, मैं BRS पार्टी को इस मुद्दे में घसीटने की कड़ी निंदा करता हूं। मैं पहले भी कह चुका हूं कि मैं किसी भी टेस्ट के लिए तैयार हूं। मैं महेश कुमार गौड़ के सुझाव का स्वागत करता हूं कि सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को यह टेस्ट करवाना चाहिए।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनका नाम ड्रग मामले में घसीटा जाता है, तो वह लीगल नोटिस भेजेंगे। यह पूरा विवाद तेलंगाना के राजनीतिक माहौल में उबाल ला रहा है, जहां दोनों प्रमुख पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। अब देखना यह है कि इस ड्रग विवाद के बाद राजनीतिक खेल कैसे आगे बढ़ता है और क्या KTR सच में टेस्ट के लिए तैयार होते हैं।









