
अयोध्या में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक फैसले को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सूत्रों के अनुसार, शिवेंद्र सिंह को अयोध्या का महानगर महामंत्री बनाया गया है, जिन पर 18 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि शिवेंद्र सिंह पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं और उनके खिलाफ योगी सरकार के पहले कार्यकाल में गंभीर मुकदमे दर्ज हुए थे। इस नियुक्ति के बाद पार्टी के भीतर सवाल उठने लगे हैं कि बिना लंबी संगठनात्मक पृष्ठभूमि के इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे दी गई।
स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष की चर्चा है। कई कार्यकर्ता यह सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी देने से पार्टी की छवि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं विपक्ष ने इस मुद्दे को अपने राजनीतिक एजेन्डा का हिस्सा बना लिया है और भाजपा पर हमला किया है।
हालांकि, भाजपा या शिवेंद्र सिंह की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियुक्ति से संगठन में आंतरिक तनाव बढ़ सकता है और इसे लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो सकती है। अयोध्या, जो मर्यादा और धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है, वहां इस तरह के विवाद ने पार्टी के संगठनात्मक फैसलों पर जनता और कार्यकर्ताओं की नजरें तनी हुई हैं। पार्टी के लिए यह चुनौती है कि वह इस विवाद को संभालते हुए संगठनात्मक स्थिरता बनाए रखे।









