
पुडुचेरी में खेले जा रहे इंडिया-ए और ऑस्ट्रेलिया-ए के बीच तीसरे वनडे मुकाबले में युवा भारतीय बल्लेबाज सूर्यांश शेड्गे ने अपनी जुझारू और समझदारी भरी बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया। एक समय जब भारत के बड़े-बड़े तूफानी और अनुभवी बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट चुके थे और पूरी टीम पर कम स्कोर पर सिमटने का खतरा मंडरा रहा था, तब सूर्यांश शेड्गे ने क्रीज पर खूंटा गाड़कर टीम इंडिया को मुसीबत से बाहर निकाला। उनके इस शानदार अर्धशतक के बदौलत इंडिया-ए की टीम 47.3 ओवरों में अपने सभी विकेट खोकर 275 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रही।
बता दें, मैच में टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया-ए को सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह (39 रन) और प्रियांश आर्या (49 रन) ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए महज 10 ओवरों में 83 रनों की तेज तर्रार साझेदारी निभाई। हालांकि, इस बेहतरीन शुरुआत के बाद भारतीय मिडिल ऑर्डर पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। देवदत्त पडिक्कल (2 रन), रजत पाटीदार (3 रन) और निशांत सिद्धू (5 रन) बेहद सस्ते में आउट होकर चलते बने। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने पारी को संभालने का प्रयास किया, लेकिन वह भी 33 रन बनाकर अपना विकेट गंवा बैठे।
159 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी इंडिया-ए का 200 के पार पहुंचना भी बेहद मुश्किल नजर आ रहा था। इसके बाद सूर्यांश शेड्गे और विप्रज निगम ने सातवें विकेट के लिए 85 रनों की बहुमूल्य साझेदारी निभाकर मैच का पासा पलट दिया। विप्रज ने 44 गेंदों में 6 चौकों की मदद से 40 रनों का अहम योगदान दिया। वहीं, सूर्यांश ने 60 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 66 रनों की विस्फोटक और समझदारी भरी पारी खेली। अंत में अनुकूल रॉय 10 रन बनाकर नाबाद रहे। ऑस्ट्रेलिया-ए की ओर से अनुशासित गेंदबाजी के बावजूद भारतीय निचले क्रम की इस जुझारू वापसी ने मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है।









