भारत को चाहिए रॉकेट-मिसाइल फोर्स, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भविष्य की रक्षा तैयारियों पर किया बड़ा खुलासा

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को भविष्य की रक्षा तैयारियों पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत को ...

नई दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को भविष्य की रक्षा तैयारियों पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अब एक मजबूत रॉकेट-मिसाइल फोर्स की आवश्यकता है, जिसमें रॉकेट और मिसाइल दोनों की क्षमताएं मौजूद हों। चीन और पाकिस्तान पहले ही इस प्रकार की फोर्स बना चुके हैं, और अब भारत को भी अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इस दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है।

रॉकेट और मिसाइल प्रणाली पर जोर
सेना प्रमुख ने सेना दिवस से पूर्व वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने बताया कि भारत ने पिनाका रॉकेट सिस्टम को लगातार मजबूत किया है, जिसकी मारक क्षमता 120 किलोमीटर तक है। इसके साथ ही, प्रलय सहित अन्य रॉकेट और मिसाइल प्रणालियों पर भी काम चल रहा है। जनरल द्विवेदी ने यह भी कहा कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति में रॉकेट और मिसाइल फोर्स की जरूरत है, और सरकार भी इस पर सहमत है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अब यह निर्णय लिया जाना बाकी है कि यह फोर्स सेना के भीतर रहेगी या रक्षा मंत्रालय के सीधे नियंत्रण में होगी।

इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG) का गठन
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की तैयारियों में किए गए अहम बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG) के गठन को मंजूरी दी गई है, जिसका उद्देश्य सेना की मारक क्षमता को बढ़ाना है। यह प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी, लेकिन अब इसका रास्ता साफ हो गया है। सेना की 16 यूनिटों को मिलाकर, मेजर जनरल स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में ऐसे समूह बनाए जाएंगे, जिनके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं।

दीर्घकालिक युद्ध तैयारियों पर जोर
जनरल द्विवेदी ने यह भी कहा कि भारत की रक्षा तैयारियां दीर्घकालिक हैं। उन्होंने कहा कि हमें यह समझना है कि युद्ध कभी भी जल्द या लंबा चल सकता है, जैसे ऑपरेशन सिंदूर चार दिनों में खत्म हुआ, वैसे ही रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे युद्ध भी कई सालों तक चल सकते हैं।

नई ब्रिगेडों से सेना की ताकत में वृद्धि
जनरल द्विवेदी ने आगामी युद्धक तैयारियों के लिए भैरव, शक्तिमान, दिव्यास्त्र और रुद्र ब्रिगेड जैसी इकाइयों के गठन की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रेनिंग कमांड का विस्तार किया जा रहा है, ताकि सेना को आने वाली चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके। इसके अलावा, सेना की तैनाती व्यवस्था में भी बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे सेना अधिक प्रभावी हो सके।

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