
वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका के बीच एक नई ट्रेड डील पर सहमति बनी है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में नया मोड़ आएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस डील की घोषणा के बाद, अमेरिकी प्रशासन के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने इस डील की विस्तृत जानकारी दी। ग्रीर ने बताया कि इस डील के तहत अमेरिका से आने वाले सामानों पर भारत टैरिफ को शून्य करने जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, भारतीय बाजार में अमेरिकी उत्पादों की उपस्थिति बढ़ेगी और व्यापार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा।
भारत के कृषि उत्पादों पर प्रोटेक्शन जारी रहेगा
जेमिसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिका भारत के कृषि क्षेत्र में कुछ प्रोटेक्टेड क्षेत्रों तक पहुंच प्राप्त करने पर काम करेगा। उन्होंने बताया कि इस डील के तहत अमेरिका के कुछ उत्पाद जैसे ट्री नट्स (Tree nuts), वाइन (Wine), स्पिरिट्स (Spirits), फल (Fruits) और सब्जियां (Vegetables) भारतीय बाजार में शून्य टैरिफ के तहत आयात किए जाएंगे। हालांकि, चावल (Rice), बीफ (Beef), सोयाबीन (Soybeans), चीनी (Sugar) और डेयरी (Dairy) जैसे उत्पादों पर चर्चा नहीं की गई है। इन उत्पादों को यूरोपीय संघ (European Union) के साथ भारत के हालिया व्यापार समझौते से बाहर रखा गया था।
भारत पर अमेरिकी टैरिफ में कमी
ग्रीर ने यह भी पुष्टि की कि इस डील के तहत अमेरिका के सामानों पर भारत के टैरिफ को 50% से घटाकर 18% किया जाएगा। यह बदलाव अमेरिकी उत्पादों के लिए भारतीय बाजार में बेहतर अवसर लाएगा। ग्रीर के अनुसार, 2025 तक अमेरिका और भारत के बीच व्यापार में वृद्धि की उम्मीद है, जो 53.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
भारत-अमेरिका तकनीकी रुकावटों पर समझौता
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार में कई तकनीकी रुकावटें आ रही थीं, खासकर तब जब भारत ने अमेरिकी मानकों को स्वीकार नहीं किया था। ग्रीर ने बताया कि अब इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा और अमेरिकी मानकों को भारत द्वारा स्वीकार करने के लिए एक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे भारतीय बाजार में अमेरिकी सामानों के लिए दरवाजे खोलेंगे, जिससे 1 बिलियन से ज्यादा लोगों का बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खुल सकेगा।
भारत और रूस के कच्चे तेल के इंपोर्ट पर स्थिति
ग्रीर ने रूस से भारत के कच्चे तेल (Crude Oil) के इंपोर्ट को लेकर कहा कि भारत ने 2022 और 2023 में रूस से तेल इंपोर्ट नहीं किया था और अब वह इसे कम करने की दिशा में काम कर रहा है। भारत ने ऊर्जा के लिए अपनी आपूर्ति विविधीकरण करने का फैसला लिया है और US और वेनेजुएला (Venezuela) से ऊर्जा खरीदने की योजना बनाई है।









