मिशन चांद: NASA की टीम में भारतीय मूल के Anil Menon, बन सकते हैं चांद पर जाने वाले पहले भारतवंशी

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) द्वारा मून मिशन के लिए 10 ट्रेनी एस्ट्रोनॉट को चुना गया है। जिसमें भारतीय मूल के डॉक्टर अनिल मेनन भी शामिल हैं। अनिल मेनन का जन्म मिनिसोटा के मिनियापोलिस में भारतीय और यूक्रेनी माता-पिता के घर हुआ था।

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) द्वारा मून मिशन के लिए 10 ट्रेनी एस्ट्रोनॉट को चुना गया है। जिसमें भारतीय मूल के डॉक्टर अनिल मेनन भी शामिल हैं। अनिल मेनन का जन्म मिनिसोटा के मिनियापोलिस में भारतीय और यूक्रेनी माता-पिता के घर हुआ था।

45 वर्षीय अनिल मेनन अमेरिकी वायु सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं और स्पेसएक्स में प्लाइट सर्जन भी रह चुके है। अनिल मेनन नासा की क्लास 2021 का हिस्सा बनेंगे। आपको बता दे कि अनिल मेनन शादीशुदा है और उनके दो बच्चे हैं।

नासा के पास एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए 12 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया था। जिनमें से सिर्फ 10 लोगों का चयन किया गया है। चयनित 10 नए अंतरिक्ष यात्रियों में से छह पुरुष हैं, जबकि चार महिलाएं हैं। 32 से 45 वर्ष की आयु के 10 उम्मीदवार अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का संचालन और रखरखाव करना सीखेंगे। दो साल की ट्रेनिग के बाद नासा साल 2025 में स्पेसएक्स के साथ मिलकर एक महिला और एक पुरुष को चांद पर भेजेगा।

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