
भारतीय रेलवे ने कंफर्म टिकट कैंसिल करने के नियमों में अहम बदलाव किए हैं, जिनका फायदा यात्रियों को मिलेगा। अब, यदि यात्री किसी ट्रेन के सोर्स स्टेशन से निकलने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं, तो उन्हें कोई रिफंड नहीं मिलेगा। हालांकि, यदि टिकट कैंसिलेशन 8 से 24 घंटे के बीच किया जाता है, तो 50% किराया रिफंड के रूप में मिलेगा।
अगर टिकट कैंसिलेशन 24 से 72 घंटे के अंदर किया जाता है, तो 75% रिफंड मिलेगा। वहीं, अगर डिपार्चर समय से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल किया जाता है, तो सिर्फ कैंसिलेशन चार्ज लिया जाएगा और बाकी पूरा रिफंड मिलेगा। इस बदलाव से यात्री अधिक लचीले तरीके से टिकट कैंसिल कर सकेंगे।
क्या थे पुराने नियम ?
पहले के नियमों के अनुसार, ट्रेन के शुरू होने के 12 से 48 घंटे के बीच अगर कंफर्म टिकट कैंसिल होता था, तो किराए का 25% काटा जाता था। अगर टिकट 4 से 12 घंटे पहले कैंसिल होता था, तो 50% रिफंड नहीं मिलता था, जबकि 4 घंटे के अंदर कैंसिलेशन पर कोई रिफंड नहीं मिलता था।
बोर्डिंग स्टेशन बदलने का नया नियम
रेलवे ने एक और नया नियम लागू किया है जिसके अनुसार अब ट्रेन के शुरू होने से 30 मिनट पहले तक यात्री अपना बोर्डिंग स्टेशन भी बदल सकते हैं। इससे पहले बोर्डिंग स्टेशन चार्ट तैयार होने से पहले ही बदला जा सकता था, यानी ट्रेन शुरू होने से 4 घंटे पहले तक ही यह विकल्प था। इस बदलाव से यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन बदलने में अधिक सुविधा होगी।
ये नए नियम 1 अप्रैल और 15 अप्रैल को दो चरणों में लागू किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन बदलावों से यात्रियों को अधिक रिफंड मिलने में आसानी होगी और इससे यात्री बेहतर तरीके से अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।









