
भारतीय रेलवे का माल परिवहन लक्ष्य अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच लगभग 2.5 प्रतिशत पीछे रहा। हालांकि, पिछले वर्ष के मुकाबले 2024 में रेलवे ने इस दौरान करीब तीन प्रतिशत अधिक माल परिवहन किया है। यह जानकारी मंत्रालय द्वारा जारी नवंबर 2025 माह की बुनियादी ढांचा क्षेत्र की समीक्षा रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि रेलवे ने अप्रैल से नवंबर 2025 तक 1098.640 मिलियन टन माल परिवहन का लक्ष्य तय किया था, लेकिन केवल 1070.790 मिलियन टन माल ही परिवहन कर सकी।
रेलवे के इस लक्ष्य से पीछे रहने का प्रमुख कारण विभिन्न माल श्रेणियों की हिस्सेदारी में उतार-चढ़ाव रहा। इसमें कोयले का योगदान सबसे अधिक था, जो कुल माल परिवहन का 50 प्रतिशत रहा। इसके बाद लौह अयस्क (11%), सीमेंट (9%), कंटेनर सेवा (6%), पिग आयरन और तैयार इस्पात (5%), खनिज तेल (पीओएल) और खाद्यान्न (3-3 प्रतिशत), उर्वरक (4%), और अन्य वस्तुएं (7%) रही। इस आंकड़े के आधार पर देखा जाए तो रेलवे ने 2024 में इसी अवधि के दौरान 1037.080 मिलियन टन माल परिवहन किया था, जो 2025 के आंकड़ों से कम था।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि नवंबर 2025 में रेलवे ने 135.71 मिलियन टन माल परिवहन किया, जो नवंबर महीने का 97.21 प्रतिशत था। इसके बावजूद यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 4.24 प्रतिशत अधिक था। कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) द्वारा नवंबर 2025 में कोयले की ढुलाई 311.1 रेक प्रतिदिन रही, जो निर्धारित लक्ष्य से 23.9 प्रतिशत कम थी, लेकिन 2024 के मुकाबले इसमें 0.58 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई।
इसके अलावा, रेलवे मंत्रालय की ओर से निजी मालगाड़ी डिब्बा विनिर्माताओं के लिए एक नया संकट सामने आया है। पिछले तीन वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने वाले इन विनिर्माताओं को अब रेलवे से नए ऑर्डर का इंतजार है। उन्हें यह चिंता सता रही है कि पहले चरण के बाद कोई नया खरीद ऑर्डर नहीं दिया गया है। हालांकि, रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वैगन की जरूरत का आकलन एक निरंतर प्रक्रिया है और जरूरत के मुताबिक ऑर्डर दिए जाएंगे।
भारतीय रेलवे को हाल के वर्षों में बड़ी सफलता मिली है और यह माल परिवहन में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे बन गया है। 2024-25 में भारतीय रेलवे ने 1,61.7 करोड़ टन माल परिवहन किया। 2022 में रेलवे मंत्रालय ने राष्ट्रीय रेल योजना (NRP) के तहत 2030 तक वैगन की संख्या को तीन लाख से बढ़ाकर छह लाख करने का लक्ष्य रखा था। इसके तहत 2022 में रेलवे ने 1,17,229 वैगन का पहला बड़ा ऑर्डर दिया था, और इसे तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य था। 2024-25 में 41,929 वैगन की आपूर्ति की गई, जो अब तक की सबसे बड़ी आपूर्ति है और इसमें साल दर साल 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।









