भारत का तीसरा स्वदेशी 700 मेगावॉट परमाणु रिएक्टर शुरू, परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़कर 8,880 मेगावॉट

भारत ने 17 मार्च को राजस्थान में तीसरा स्वदेशी 700 मेगावाट परमाणु रिएक्टर शुरू किया, जिससे कुल क्षमता 8,880 MW हो गई। यह रिएक्टर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में अहम भूमिका निभाएगा और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।

भारत ने 17 मार्च को राजस्थान में अपना तीसरा स्वदेशी 700 मेगावाट प्रेसराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWR) शुरू किया, जिससे देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता 8,880 मेगावाट हो गई। राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (RAPP) की यूनिट-7 को उत्तरी ग्रिड से सफलतापूर्वक जोड़ा गया। NPCIL के अनुसार, यह तीसरा 700 मेगावाट क्षमता वाला PHWR है, जो 16 स्वदेशी रिएक्टरों की श्रृंखला का हिस्सा है। ये रिएक्टर उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस हैं और दुनिया के सबसे सुरक्षित रिएक्टरों में शामिल हैं। परमाणु ऊर्जा नवीकरणीय नहीं, लेकिन शून्य-उत्सर्जन ऊर्जा स्रोत है, जो यूरेनियम विखंडन से बिजली उत्पन्न करता है। NPCIL प्रमुख के अनुसार, ये रिएक्टर 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। एक 700 मेगावाट रिएक्टर सालाना 4.5 मिलियन टन CO2 उत्सर्जन कम करेगा।

स्वच्छ ऊर्जा की ओर भारत की एक और बड़ी उपलब्धि

NPCIL के अनुसार, यह रिएक्टर भारत में विकसित 700 मेगावॉट श्रेणी के 16 रिएक्टरों में से तीसरा है, जिसमें अत्याधुनिक सुरक्षा विशेषताएँ हैं। पहले दो रिएक्टर – काकरापार (गुजरात) के KAPS-3 और KAPS-4 पहले ही सफलतापूर्वक चालू हो चुके हैं।

ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा परमाणु ऊर्जा मिशन

NPCIL के चेयरमैन भुवन चंद्र पाठक ने बताया कि ये 700 मेगावॉट के रिएक्टर 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएंगे।

कोयला मुक्त ऊर्जा का बड़ा स्रोत

एक 700 मेगावॉट रिएक्टर सालाना 5.2 अरब यूनिट स्वच्छ बिजली पैदा करेगा और 4.5 मिलियन टन CO2 उत्सर्जन को रोकेगा।

भारत में परमाणु ऊर्जा का विस्तार

रावतभाटा में पहले से ही 1,180 मेगावॉट क्षमता के छह रिएक्टर हैं। अब RAPP-7 की शुरुआत के साथ NPCIL के पास 25 ऑपरेशनल रिएक्टर हो गए हैं।

2047 तक नेट जीरो लक्ष्य की ओर भारत

नवीकरणीय ऊर्जा के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा का विस्तार भारत की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए जरूरी है। यह ऊर्जा स्रोत प्रदूषण रहित है और बिना किसी उत्सर्जन के बिजली पैदा करता है।

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