
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने कर्नाटका के वेमागल में एयरबस H-125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया। इस मौके पर भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी उपस्थित थे।
बता दें, फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने इंडिया-फ्रांस रक्षा सहयोग को एक महत्वपूर्ण और गतिशील भागीदार बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “भारत के राष्ट्रपति के आधिकारिक दौरे के हिस्से के रूप में, मैं भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैंगलोर में हूं, ताकि हम अपने रक्षा सहयोग की ताकत को प्रदर्शित कर सकें। भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग हमारी सामरिक साझेदारी का एक बड़ा स्तंभ है और यह सभी क्षेत्रों में लगातार मजबूत हो रहा है।”
बता दें, वहीं भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उद्घाटन समारोह को संबोधन करते हुए कहा, “आज जिस फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन हो रहा है, उसमें H-125 प्रोग्राम में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होने की संभावना है, जिससे भारत में नई रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह निवेश हमारी युवा पीढ़ी के लिए खासतौर पर फायदेमंद होगा।”
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि भारतीय रक्षा क्षेत्र में प्राइवेटाइजेशन के कारण गति आई है और इसने इस सेक्टर की वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि पहले भारतीय रक्षा उत्पादन का अधिकांश हिस्सा सार्वजनिक क्षेत्र में था, लेकिन अब प्राइवेट क्षेत्र के योगदान में काफी वृद्धि हुई है। इस बदलाव से भारत आज रक्षा निर्यातकों के शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है।
उन्होंने यह भी कहा, “हमारे रक्षा निर्यात में गुणात्मक वृद्धि हुई है, जिससे भारतीय MSMEs और सहायक क्षेत्रों को भी फायदा हुआ है। बड़ी संख्या में विदेशी कंपनियां अब भारतीय MSMEs से विभिन्न कंपोनेंट्स खरीद रही हैं। हम इन कंपनियों को आमंत्रित करते हैं कि वे टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के माध्यम से इस साझेदारी को और मजबूत करें और अन्य देशों की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्नत समाधान प्रदान करें।”
फ्रांस की रक्षा मंत्री वॉट्रिन का यह दौरा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई में मैक्रों के साथ बातचीत की, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की गई। यह वार्ता महाराष्ट्र लोक भवन में हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने विभिन्न आपसी हितों पर चर्चा की हैं।
इस पहल के साथ, भारत और फ्रांस के रक्षा सहयोग की दिशा और गति को नए आयाम मिलेंगे, और दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी और अधिक गहरी होगी।









