
मदरसा बोर्ड को लेकर हाई कोर्ट के फैसले पर इस्लामिक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एजाज अहमद का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा इससे प्रदेश के सभी छोटे बड़े मान्यता प्राप्त मदरसे प्रभावित होंगे। मदरसों का अपना इंफ्रास्ट्रक्चर है, उनमे लाखों शिक्षक काम करते हैं और लाखों छात्र उसमें शिक्षारत हैं।
प्राइमरी और जूनियर स्तर पर मदरसा शिक्षा परिषद और बेसिक शिक्षा परिषद सबका एक ही सिलेबस है। सरकार ने सभी मदरसों में NCERT सिलेबस लागू कर रखा है ऐसे में मदरसा बोर्ड को किसी कागज में कमी की वजह से बंद किए जाने से बहुत बड़ा संकट आएगा। 2004 के नोटिफिकेशन में जो कमी है उसको सरकार दूर कर सकती है।
एजाज अहमद ने बताया कि इस्लामिक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक एसोसिएशन मदरसों की मान्यता और अस्तित्व को बचाने, लाखों मदरसा शिक्षकों की नौकरी बचाने और लाखों शिक्षारत छात्रों की पढ़ाई बचाने के लिए उच्च न्यायालय के आदेश की अपील के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट को जाएगा।
एजाज अहमद ने सरकार से अपील किया है कि मदरसा बोर्ड के 2004 के नोटिफिकेशन में जो कमी है उसको दूर करके पुनः उसे लागू किया जाय। मदरसो की मान्यता के साथ उसके शिक्षकों और छात्रों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था दी जाय। इसके साथ ही मदरसा शिक्षा की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाय।









