Jammu & Kashmir: दूर-दराज इलाकों में शिक्षा को नई ऊँचाई, राजौरी में नई स्कूल बिल्डिंग का निर्माण…

जम्मू और कश्मीर सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश के दूर-दराज़ इलाकों में शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में तेजी ला दी है। अलग-अलग फ्लैगशिप स्कीमों के तहत शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने पर खास जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि दूरदराज़ और मुश्किल इलाके में भी बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की समान पहुँच सुनिश्चित की जाए।

जम्मू और कश्मीर सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश के दूर-दराज़ इलाकों में शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में तेजी ला दी है। अलग-अलग फ्लैगशिप स्कीमों के तहत शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने पर खास जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि दूरदराज़ और मुश्किल इलाके में भी बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की समान पहुँच सुनिश्चित की जाए।

बता दें, राजौरी जिले के कोटरंका सब-डिवीजन के जोन खवास में हालिया विकास इसका स्पष्ट उदाहरण हैं। यह इलाका जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर है और लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है।

बता दें, सरकारी हाई स्कूल केरी इस इलाके का इकलौता हाई स्कूल है, जो आसपास के 150-200 छात्रों को पढ़ाता है। पहले स्कूल की तीन कमरों वाली पुरानी बिल्डिंग भारी बारिश के बाद गिर चुकी थी, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।

वहीं, समग्र शिक्षा (समग्र) स्कीम के तहत अब स्कूल में छह क्लासरूम और स्टाफ क्वार्टर वाली नई बिल्डिंग का निर्माण हो रहा है। इस प्रोजेक्ट से स्टूडेंट्स, टीचर्स और स्थानीय समुदाय में राहत और उम्मीद की भावना पैदा हुई है।

टीचर आशु देवी, जो 2010 से स्कूल से जुड़ी हैं,उन्होंने कहा, “नई बिल्डिंग से आखिरकार सही माहौल में क्लास लग सकेंगी। पहले बारिश के दौरान स्कूल बंद करना पड़ता था। अब हमारे पास क्लासरूम, वॉशरूम और सही सुविधाएँ होंगी। इससे स्टूडेंट्स और टीचर्स दोनों को बहुत मदद मिलेगी।”

वहीं, अन्य टीचर्स मोहम्मद रियाज़, बचन कुमार शर्मा और कुलवंत सिंह ने भी बताया कि इलाके में सड़क और सुविधाओं की कमी के कारण पढ़ाई मुश्किल होती थी। उन्होंने कहा कि स्टाफ और गाँव वाले कंस्ट्रक्शन पर लगातार नज़र रख रहे हैं और नया इंफ्रास्ट्रक्चर पढ़ाई के स्तर को बेहतर बनाएगा।

बता दें, अधिकारियों और टीचर्स का मानना है कि नई स्कूल बिल्डिंग न केवल छात्रों की मुश्किलें कम करेगी, बल्कि टीचिंग स्टाफ के लिए रहने और बेसिक सुविधाओं की उपलब्धता से उन्हें बनाए रखने में भी मदद करेगी। साथ ही, इलाके में और स्कूलों की जरूरत पर भी जोर दिया गया है, ताकि बच्चों को दूरदराज़ इलाकों से लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

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