
लखनऊ; 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले देश भर में राजनैतिक हालात गर्म है. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटों की हो रही है. यहां पिछले कई महीनों से कई समीकरण बनते व बिगड़ते दिख रहे हैं. अगर हाल के सियासी समीकरण की बात करें तो जयंत चौधरी की पार्टी आरएलडी सपा के साथ है. लेकिन कहा जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से जयंत चौधरी की अंदरखाने से बीजेपी के साथ नजदीकियां बढ़ी हैं.
राजनैतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि बीजेपी से बढ़ी नजदीकियों के कारण ही जयंत चौधरी ने राज्यसभा में दिल्ली सर्विस बिल पर हुई वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया था. वहीं, बीते कल यानी बुधवार को आरएलडी के विधायकों ने सीएम योगी से मुलाकात की थी. सीएम से जयंत के विधायकों की मुलाकात पर राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है.
आरएलडी विधायकों की सामूहिक मुलाकात सीएम योगी से 5 कालीदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर हुई है. इसके पहले जयंत चौधरी के दिल्ली सर्विस बिल पर वोटिंग ना करना व RLD विधायकों की सीएम से हुई भेंट…दोनों ही घटनाक्रमों के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. हालांकि विधायकों का कहना है कि सीएम से मुलाकात के दौरान क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा हुई है. इसे राजनैतिक रूप नहीं देने चाहिए.









