खान सर को कोर्ट से मिली बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक जारी, अगली सुनवाई तक नहीं होगी कार्रवाई

पटना। राजधानी के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में दो जून की रात हुए हंगामे और फायरिंग मामले में फैजल खान उर्फ खान सर को एक बार फिर अदालत से राहत मिल गई है। पटना सिविल कोर्ट ने शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को अगले आदेश तक जारी रखने का निर्देश दिया।

कोर्ट में क्या-क्या हुआ?

खान सर और उनके दोनों निजी सुरक्षा गार्डों की तरफ से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान पुलिस ने अदालत में अपडेटेड केस डायरी प्रस्तुत की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फिलहाल गिरफ्तारी पर अंतरिम संरक्षण बरकरार रखा। मामले की अगली सुनवाई अब निर्धारित तिथि पर होगी।

क्या है पूरा मामला?

दो जून की रात कोचिंग संस्थान के बाहर हुए बवाल के दौरान खान सर के दोनों गार्डों पर दो-दो राउंड फायरिंग करने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई खान सर के निर्देश पर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने दर्ज एफआईआर में फैजल खान का नाम भी जोड़ लिया था। इसी मामले में आरोपित बनाए गए ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है, हालांकि बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई और वे जेल से बाहर आ चुके हैं।

रौशन आनंद के भाई की मौत ने बढ़ाया विवाद

मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब रौशन आनंद के भाई की नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रौशन आनंद ने सार्वजनिक रूप से इस घटना के लिए फैजल खान पर हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद कदमकुआं थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। रौशन आनंद का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की, जिसके विरोध में उन्होंने धरना भी दिया था।

पक्षपात के आरोप भी लगे

रौशन आनंद लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया गया। उनका कहना है कि जिस मामले में उनकी गिरफ्तारी तेजी से हुई, उसी मामले में नामजद किए जाने के बावजूद खान सर के खिलाफ पुलिस ने अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की है। दूसरी ओर, खान सर की तरफ से पहले भी सभी आरोपों को निराधार बताया जाता रहा है। फिलहाल कोर्ट से मिली राहत के बाद उनकी गिरफ्तारी पर रोक कायम है और सबकी निगाहें मामले की अगली सुनवाई और पुलिस जांच की प्रगति पर टिकी हैं।

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