कृषि भवन और शास्त्री भवन होंगे ध्वस्त, 3,000 करोड़ रुपये की लागत से नए भवनों का निर्माण, जानें पूरी जानकारी…

इन भवनों में वर्तमान में कृषि, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे मंत्रालय काम कर रहे हैं, जिन्हें हाल ही में उद्घाटित कर्तव्य भवन (कॉमन सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग-1, 2 और 3) में स्थानांतरित किया जा रहा है। इन नए भवनों का नाम 'कर्तव्य भवन' रखा गया है।

Delhi: केंद्र सरकार ने दिल्ली में स्थित कृषि भवन और शास्त्री भवन को ध्वस्त कर नए कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (सीसीएस) भवन-4 और 5 के निर्माण का फैसला लिया है। इस परियोजना पर कुल 3,006 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने इस निर्माण कार्य के लिए सोमवार को भवनों के निर्माण के लिए ठेका जारी कर दिया है।

बता दें, टेंडर के कागजात के अनुसार, कृषि भवन और शास्त्री भवन के विंग A से G तक को पूरी तरह से तोड़ दिया जाएगा। इन भवनों में वर्तमान में कृषि, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे मंत्रालय काम कर रहे हैं, जिन्हें हाल ही में उद्घाटित कर्तव्य भवन (कॉमन सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग-1, 2 और 3) में स्थानांतरित किया जा रहा है। इन नए भवनों का नाम ‘कर्तव्य भवन’ रखा गया है।

बता दें, नए सीसीएस भवन-4 और 5 आठ मंजिला होंगे, जिनका निर्माण प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (PEB) स्टील संरचना के रूप में किया जाएगा, जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर, सात ऊपरी मंजिलें और टेरेस शामिल होंगी। इस निर्माण का समय-सीमा दो साल निर्धारित की गई है, जबकि इसके बाद पांच साल तक संचालन और रखरखाव का जिम्मा ठेकेदार के पास रहेगा।

शास्त्री भवन में सूचना और प्रसारण, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय कार्यरत हैं। वहीं, कृषि भवन में कृषि मंत्रालय, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय चलते हैं। शास्त्री भवन में कार्यरत मंत्रालयों को कर्तव्य भवन-2 में शिफ्ट किया जा रहा है। साथ ही रक्षा मंत्रालय और सीबीआई के कार्यालय भी नए भवनों में स्थानांतरित होंगे।

नई जगहों पर मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने पहले ही अपने कार्यालयों का निरीक्षण कर लिया है, और उम्मीद की जा रही है कि फरवरी के मध्य तक शिफ्टिंग प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। विभिन्न मंत्रालयों के लिए नए भवन में कमरे आवंटित किए गए हैं, जैसे सूचना और प्रसारण मंत्रालय के लिए 120 कमरे, संस्कृति मंत्रालय के लिए 45 कमरे, कृषि मंत्रालय के लिए 12 कमरे, और रक्षा मंत्रालय के लिए 225 कमरे आदि।

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