
Kumbh Mela 2025 Visitors Guide: महाकुंभ…. ये 12 साल बाद लगता हैं… इसका मतलब आप साफ समझ सकते हैं कि लोग कुल 12 साल का इंतजार करे हैं… तब कहीं जाकर महाकुंभ लगता हैं… यही वजह हैं कि लोग इसको लेकर काफी उत्साहित हैं….. वैसे इस साल महाकुंभ का शुभारंभ 13 जनवरी दिन सोमवार से होने जा रहा है…. हर 12 साल में एक बार महाकुंभ का आयोजन होता है… वही अगर हिंदू कैलेंडर की बात करें तो उसके अनुसार, कुंभ मेले का पहला स्नान पौष पूर्णिमा के दिन होता है और अंतिम शाही स्नान महाशिवरात्रि के दिन होता हैं…
कुंभ में धर्म और आध्यात्म की धारा बहती है…
12 सालों के इंतजार के बाद लगता हैं इस वजह से कुंभ मेले में शामिल होने के लिए देश और विदेश से लाखों लोग आते हैं. तीर्थराज प्रयाग में गंगा और यमुना के तट पर आयोजित होने वाले कुंभ में धर्म और आध्यात्म की धारा बहती है, इसमें सभी आस्था की डुबकी लगाकर अपने आप को सौभाग्यशाली मानते हैं… ऐसी मान्कुंयता हैं कि कुंभ के दौरान स्नान और दान करने से व्यक्ति के सारे पाप मिट जाते हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है…
कुंभ मेले के समय क्या करें और क्या न करें
वही आपको जानकर हैरानी होगी की महा कुंभ मेले में शामिल होने का मौका सबको नहीं मिल पाता है. यदि आपको मौका मिला हैं… और आप महा कुंभ मेले में जाने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए ये जानकारी बहुत ही शानदार हैं….हालांकि जब कोई शहर नया होता है तो वहां पर क्या करना है और क्या नहीं करना है, यह पता नहीं होता हैं.. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता हैं आपके लिए….आइए जानते हैं कि कुंभ मेले के समय क्या करें और क्या न करें साथ ही किन बातों का खास ध्यान रखें….
क्या करें
- VVIP मूवमेंट, आवास, प्रमुख आयोजन तिथियों इन सभी की जानकारी के लिए kumbh.gov.in की वेबसाइट देखें या फिर आप चाहें तो मोबाइल ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं….
- स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए डॉक्टर की सलाह जरुर लें. हल्की यात्रा करें साथ ही दवाएँ अपने साथ रखें.
- आसपास के अस्पतालों, भोजनालय और आपातकालीन सेवाओं आदि जैसी सुविधाओं के बारे में जागरूक रहें.
- सभी आपातकालीन संपर्क नंबर अपने फोन में अवश्य रखें….
- मेला प्रशासन ने जिन घाटों या स्थानों को स्नान के लिए अधिकृत किया है, उन्हीं स्नान क्षेत्रों या घाटों का उपयोग करें.
- आप मेला क्षेत्र में उपलब्ध शौचालयों एवं मूत्रालयों का उपयोग करें.
- कचरा कहीं पर भी न फेंके. कूड़ेदान का प्रयोग करें.
- रास्ता खोजने के लिए वहां पर उपलब्ध साइनेज या बोर्ड का उपयोग करें.
- यातायात नियमों का पालन करें और पार्किंग स्थानों पर ही वाहनों को खड़ा करें.
- कोई अज्ञात या संदिग्ध वस्तु की सूचना पुलिस या मेला प्रशासन को दें.
- वहां पर दिए गए नियमों और निर्देशों का पालन करें.
- मेले आयोजन में शामिल विभागों का सहयोग करें.
- अपने सामान की सुरक्षा स्वयं करें. अपने किसी प्रियजन और सामान के खोने पर खोया-पाया केंद्रों पर जाएं और मदद लें.
- मेला क्षेत्र में या आसपास कहीं घूमने की योजना है तो पर्याप्त समय लेकर चलें.
क्या न करें…
- मेले में आप अपना कोई कीमती सामान, आवश्यकता से अधिक खाना और अधिक कपड़े लेकर न जाएं.
- अजनबी लोगों पर भरोसा न करें. अनाधिकृत स्थानों पर खाना खाते समय सावधानी रखें.
- वाद विवाद से दूर रहें.
- तय की गई सीमा से अधिक नदी में न जाएं, डूबने का खतरा रहेगा.
- स्नान के समय साबुन, डिटर्जेंट आदि का उपयोग न करें. कपड़े न धोएं. पूजा सामग्री नदी में न डालें.
- कहीं पर भी प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग न करें.
- खुले में शौच या पेशाब न करें.
- यदि आपको कोई संक्रामक रोग है तो आप भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएं.
महाकुंभ में 7 स्तरीय सुरक्षा
इसी के साथ आपको बता दें कि महाकुंभ मेले में सुरक्षा और तैयारियों को लेकर उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की…उन्होनें कहा कि 45 दिन में 50 करोड़ लोग आवागमन करेंगे.. इसके लिए सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन से निगरानी की जा रही है..करीब 200 करोड़ रुपए के उपकरण खरीदे गए हैं. महाकुंभ में हम 7 स्तरीय सुरक्षा प्रदान करेंगे..









