
नई दिल्ली: देश के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री और मध्य प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद एल मुरुगन ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की है। मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि उन्हें केंद्रीय मंत्री के दायित्वों और राज्यसभा की सदस्यता से मुक्त किया जाए।
दिल्ली से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। #LMurugan #UnionMinister #RajyaSabha #IndianPolitics #BharatSamachar
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) October 13, 2026
प्रधानमंत्री को भेजे गए अपने भावुक और राजनीतिक पत्र में एल मुरुगन ने स्पष्ट किया है कि वे अब अपना पूरा ध्यान तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर पार्टी संगठन को मजबूत करने में लगाना चाहते हैं। उन्होंने लिखा कि संगठन के काम के लिए समर्पित होकर काम करना ही उनकी प्राथमिकता है और वे तमिलनाडु में भाजपा के जनाधार को नए पंख लगाने के लिए सड़कों पर उतरकर मेहनत करना चाहते हैं।
गौरतलब है कि एल मुरुगन पहले भी तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और उनके कार्यकाल में राज्य में पार्टी की राजनीतिक सक्रियता काफी बढ़ी थी। सत्ता और लालबत्ती का मोह छोड़कर वापस संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच जाने का उनका यह निर्णय दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु के सियासी समीकरणों में भाजपा की नई आक्रामक रणनीति की ओर इशारा करता है।









