
उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में गुलदार और अन्य जंगली जानवरों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इन हमलों में कई लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद अभी तक वन मंत्री द्वारा पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की गई है और न ही क्षेत्र में वन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इस मामले में जब भाजपा की प्रदेश महामंत्री दीप्ति सिंह भारद्वाज से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह जल्द ही वन मंत्री से मुलाकात कर इस विषय को उनके सामने रखेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पौड़ी में वन विभाग की बैठक आयोजित कराने का प्रयास किया जाएगा ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।
वहीं स्थानीय ग्रामीण भास्कर बहुगुणा ने वन मंत्री के रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका कहना है कि मंत्री जनता के प्रतिनिधि होते हैं, लेकिन जनता के दुख में उनकी मौजूदगी भी जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि अब उनकी ही पार्टी के लोग मंत्री से पौड़ी मुख्यालय आने का आग्रह कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों के कारण लोगों में भय का माहौल है। कई गांवों में लोग शाम ढलने के बाद घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। ऐसे में वन विभाग से ठोस कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की जा रही है।
अब यह देखना अहम होगा कि वन मंत्री कब तक पौड़ी पहुंचते हैं और क्षेत्र में बढ़ते वन्यजीव हमलों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर जनता की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।









