
हम सभी जानते हैं कि शरीर को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज जरूरी है, जैसे कि चलना, वेट उठाना, स्ट्रेचिंग करना आदि, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिमाग भी उतना ही जरूरी है जितना शरीर? अक्सर हम इस अहम पहलू को भूल जाते हैं, जबकि दिमाग की एक्सरसाइज शरीर की फिटनेस के लिए उतनी ही आवश्यक है।
दिमाग की एक्सरसाइज क्यों जरूरी है ?
हमारे दिमाग को भी उसी तरह चुनौती दी जानी चाहिए, जैसे शरीर के अन्य अंगों को। दिमाग के अंदर के न्यूरल कनेक्शंस को मजबूत करने के लिए नई चीजों को सीखना, जैसे कोई नई भाषा, वाद्ययंत्र, या नई हॉबी, दिमागी कसरत का हिस्सा बनते हैं। इससे न केवल याददाश्त मजबूत होती है, बल्कि सोचने की क्षमता भी बेहतर होती है। यह नियमित अभ्यास दिमाग को सतर्क और सक्रिय बनाए रखता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट ?
आजकल के समय में ब्रेन एक्सरसाइज और भी ज्यादा जरूरी हो गई है। हम अक्सर अपना दिमाग GPS पर निर्भर करते हुए रास्ते खोजने, सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते हुए समय बिताने, और मल्टीटास्किंग करने में खो देते हैं। इन आदतों से धीरे-धीरे हमारी मानसिक क्षमता प्रभावित हो सकती है। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विवेक कुमार के अनुसार, ब्रेन एक्सरसाइज न केवल उम्र से जुड़ी गिरावट को कम करती है, बल्कि मानसिक लचीलापन भी बढ़ाती है। पहेलियां हल करना, सुडोकू खेलना, नई स्किल सीखना, और माइंडफुलनेस का अभ्यास करने से ध्यान और मानसिक संतुलन बेहतर होते हैं।
मल्टीटास्किंग का दिमाग पर प्रभाव
मल्टीटास्किंग को प्रोडक्टिविटी का प्रतीक माना जाता है, लेकिन डॉ. कुमार बताते हैं कि लगातार एक काम से दूसरे काम पर स्विच करने से दिमाग पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे ध्यान अवधि कम हो सकती है, कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और मानसिक थकान बढ़ सकती है।
क्या करें आप?
कुछ आसान संकेतों पर ध्यान दें, जैसे भूलने की आदत, निर्णय लेने में दिक्कत, तारीख या स्थान भूल जाना, या मूड में अचानक बदलाव। ये संकेत बताते हैं कि आपको अपने कॉग्निटिव हेल्थ पर ध्यान देना चाहिए। डॉ. कुमार तीन सरल आदतें सुझाते हैं—दिमागी खेल या पहेलियां हल करें, नई स्किल्स या शौक अपनाएं, और सामाजिक मेलजोल बढ़ाएं।









