
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहरों, लखनऊ और कानपुर को जोड़ने वाले नए हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे ने अपने संचालन के पहले ही दिन से रफ्तार पकड़ ली है। NHAI के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक्सप्रेसवे के प्रति यात्रियों का रुझान काफी सकारात्मक रहा है, लेकिन इसी बीच सामने आए एक दर्दनाक हादसे ने सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है।
शानदार शुरुआत: 24 घंटे में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर 13000 से ज़्यादा गाड़ियां आईं #LucknowKanpurExpressway #Lucknow #Kanpur pic.twitter.com/4s4RhlV35V
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) July 16, 2026
पहले दिन का ट्रैफिक रिस्पॉन्स
NHAI द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, 14 जुलाई सुबह 8 बजे से 15 जुलाई सुबह 8 बजे के बीच कुल 13,328 वाहनों ने नए एक्सप्रेसवे का उपयोग किया। वहीं, मौजूदा लखनऊ-कानपुर हाईवे (NH-27) के नवाबगंज टोल प्लाजा से इस दौरान 20,062 गाड़ियां गुजरीं। एक्सप्रेसवे खुलने से पहले NH-27 पर लगभग 30,000 गाड़ियां चलती थीं, जिसे देखते हुए अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे यात्री नए कॉरिडोर से परिचित होंगे, NH-27 का भार कम होता जाएगा।
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल वर्मा ने बताया, “हमें उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में कमर्शियल वाहन और रेगुलर यात्रा करने वाले लोग ड्राइविंग में आराम और समय की बचत को देखते हुए एक्सप्रेसवे को अपना प्राथमिकता देंगे। यह कॉरिडोर बड़ी क्षमता के साथ तैयार किया गया है।”
बाइक सवार की मौत, नियमों की अनदेखी पर सवाल
जहाँ एक ओर एक्सप्रेसवे के प्रति उत्साह है, वहीं बंथरा इलाके में बुधवार शाम हुए एक सड़क हादसे ने नियमों की अनदेखी की कड़वी सच्चाई सामने ला दी है।
हादसा: 25 वर्षीय हिमांशु सिंह और उनके साथी शैलेंद्र सिंह (24) मोटरसाइकिल से एक्सप्रेसवे पर जा रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।
परिणाम: दुर्घटना में हिमांशु की मौत हो गई, जबकि शैलेंद्र गंभीर रूप से घायल हैं और KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं।
नियमों का उल्लंघन: ज्ञात हो कि एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा कारणों से मोटरसाइकिल और अन्य धीमी गति वाले वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, नियमों को दरकिनार कर दोपहिया वाहनों का प्रवेश सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन अलर्ट
पुलिस अज्ञात वाहन चालक की तलाश में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। NHAI ने यात्रियों से अपील की है कि वे एक्सप्रेसवे के नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित वाहनों को कॉरिडोर पर न लाएं। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
लखनऊ-कानपुर के बीच यात्रा को सुगम बनाने के लिए बनाया गया यह कॉरिडोर समय और ईंधन की बचत के मामले में तो गेम-चेंजर साबित हो रहा है, लेकिन यात्रियों की ‘सुरक्षा और अनुशासन’ फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।









