
मध्य प्रदेश से बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने नाबालिग अपराधियों पर तल्ख़ व चिंतनीय ( विचारणीय ) टिप्पणी कर दुख जताया है । दरअसल, चार साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में एक किशोर की सजा को बरकरार रखते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने किशोर अपराधियों के मामले में देश में मौजूद “नरम” कानूनों पर अफसोस जताया है।
इंदौर में बैठे न्यायधीश सुबोध अभ्यंकर ने कहा, “न्यायालय को एक बार फिर यह टिप्पणी करते हुए दुख हो रहा है कि इस देश में किशोरों के साथ बहुत नरमी से पेश आया जा रहा है और ऐसे अपराधों के पीड़ितों के दुर्भाग्य से विधानमंडल ने निर्भया की भयावहता से अभी तक कोई सबक नहीं सीखा है।
आगे उन्होनें कहा हालांकि इस देश के संवैधानिक न्यायालयों द्वारा बार-बार ऐसी आवाजें उठाई जा रही हैं, लेकिन पीड़ितों की निराशा के लिए वे वर्ष 2012 में हुई निर्भया के एक दशक बाद भी विधानमंडल पर कोई प्रभाव नहीं डाल पाए हैं।”