
Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश के औद्योगिक और सामरिक इतिहास में 05 जुलाई 2026 का दिन एक सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। सूबे के शिवपुरी जिले में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर मिसाइल इकोसिस्टम की आधारशिला रखी गई है। इस ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए अदाणी डिफ़ेंस एंड एयरोस्पेस के श्री जीत अदाणी ने राज्य के विकास और रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को लेकर समूह की बड़ी योजनाओं का खुलासा किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और राज्य के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सहित कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
एक ही छत के नीचे कच्चे माल से लेकर तैयार मिसाइल तक
समारोह को संबोधित करते हुए जीत अदाणी ने कहा कि यह सुविधा सार्वजनिक क्षेत्र के बाहर देश में पहली बार कच्चे माल से लेकर मिशन के लिए पूरी तरह तैयार मिसाइलों को एक ही छत के नीचे लाएगी। उन्होंने राज्य के विकास की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्णायक नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निरंतर सहयोग से मध्य प्रदेश देश की सबसे शक्तिशाली विकास कहानियों में से एक बन चुका है।
अदाणी ग्रुप ने पिछले साल भोपाल के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में चेयरमैन श्री गौतम अदाणी द्वारा राज्य के विकास (हाइड्रो पंप स्टोरेज, सीमेंट, माइनिंग, स्मार्ट मीटर और थर्मल एनर्जी) के लिए किए गए ₹1,10,000 करोड़ के निवेश के वादे को दोहराया, जिससे 2030 तक 1,20,000 नौकरियां पैदा होंगी। समूह कटनी के अमेठा और किमोर प्लांट में पहले ही ₹4,000 करोड़ का निवेश कर चुका है, जबकि कुछ हफ्ते पहले गुना में ₹1,060 करोड़ की सीमेंट यूनिट की नींव रखी गई है।

ग्वालियर और शिवपुरी बनेंगे डिफेंस इनोवेशन के ट्विन इंजन
डिफेंस सेक्टर में भारत की विदेशी निर्भरता को कम करने का संकल्प जताते हुए जीत अडानी ने बताया कि ग्वालियर कॉम्प्लेक्स पहले से ही हमारी लाइट मशीन गन (LMG), असॉल्ट राइफल और कार्बाइन का पूरा पोर्टफोलियो बना रहा है। उनके LMG प्रोग्राम ने सशस्त्र बलों (Armed Forces) को तय समय से 11 महीने पहले ही 2,000 यूनिट्स डिलीवर कर दी हैं।
अब शिवपुरी इस सफर में अगली बड़ी छलांग साबित होगा, जहां मीडियम से लॉन्ग-रेंज मिसाइल सिस्टम के लिए एक फुल-रेंज इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। यहां सिर्फ असेंबली ही नहीं होगी, बल्कि कम्पोजिट प्रोपेलेंट मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ टीएनटी और एक्सप्लोसिव-ग्रेड मटेरियल का प्रोडक्शन भी किया जाएगा। अगले तीन वर्षों में ₹2,500 करोड़ के निवेश से बनने वाली यह अत्याधुनिक फैसिलिटी 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगी और 50 से अधिक MSMEs को इस विशेष सप्लाई चेन से जोड़ेगी। जीत अडानी ने गर्व से कहा कि ग्वालियर और शिवपुरी मिलकर मध्य प्रदेश में डिफेंस इनोवेशन के ट्विन इंजन की तरह काम करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे आसमान की रक्षा करने वाले एडवांस्ड सिस्टम भारतीय हाथों से, भारतीय जमीन पर गर्व से बनाए जाएं।









