
आज महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देश मे बड़ी ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। देवी पार्वती के साथ भगवान शिव के विवाह का उत्सव मनाने वाली शुभ रात्रि को महा शिवरात्रि के रूप में जाना जाता है। इस दिन लोग भगवान शिव की पूजा अर्चना के साथ-साथ बहुत से भक्त भांग का सेवन भी करते हैं। इस अवसर पर भांग का अधिक सांस्कृतिक महत्व होता है। बहुत सी जगह पर इसको प्रसाद के रूप में भी बांटा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भोलेनाथ को भांग क्यों पसंद थी?
भगवान शिव के बहुत से भक्त महा शिवरात्रि पर त्योहार मनाने के लिए भांग का सेवन करते हैं। कई जगहों पर भांग को पीसना बहुत ही खास और एक कला मानी जाती है। ठंडाई एक बहुत ही लोकप्रिय पेय है जिसे दूध और भांग को मिलाकर बनाया जाता है। यह महा शिवरात्रि के समय आसानी से उपलब्ध होता है। लोग जगह-जगह पर इसको प्रसाद के रूप में बांटते हैं।
भांग और भगवान शिव का गहरा संबंध है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार भांग को विजया के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार,भगवान शिव अपने परिवार से अलग हो गए और जंगल में चले गए, जहां वे भांग के पौधों के पास सो गए। उठते ही वह उन भांग के पत्तों को खाने लगे, जिनका उसे बड़ा मजा आता था। इस तरह भगवान शिव को भांग पसंद आने लगी।
आज महाशिवरात्री के पावन पर्व पर सभी शिव भक्तों को भगवान शिव को प्रसन्न करने और महा शिवरात्रि मनाने के लिए भांग पीते हुए देखा जा सकता है। भगवान शिव की पूजा में भी भांग का अपना अलग महत्व है। पूजा करते समय शिव भक्त प्रसाद के रूप में भांग, धतूरा और ताम्बूल चढ़ाते हैं जो भगवान शिव को प्रिय हैं।