Mahakumbh 2025 : ऐतिहासिक महाकुंभ मेले का समापन, लेकिन सुविधाएं जारी रहेंगी

जैसी सुविधाओं को बहाल रखने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, प्रयागराज के धार्मिक नगरी काशी और अयोध्या के सर्किट में शामिल होने के कारण ट्रैवल एजेंसियां भी नए टूर पैकेज तैयार कर रही हैं।

26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ का समापन

उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ मेले की पूर्णाहुति महाशिवरात्रि को की, जिसका मतलब है कि 26 फरवरी को सरकारी तौर पर महाकुंभ का समापन हो गया है। इस दिन महाशिवरात्रि के नहान पर मेले में जुटी भारी भीड़ ने मेला और प्रयागराज को पूरी तरह से ठसाठस भर दिया।

संगम और आसपास के क्षेत्रों में सुविधाएं जारी रहेंगी
महाशिवरात्रि स्नान पर्व के साथ महाकुंभ का समापन हुआ, लेकिन संगम और आसपास के क्षेत्रों में सुविधाएं बहाल रहेंगी। यह निर्णय लिया गया है कि अब भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम स्नान के लिए आ सकते हैं, जिससे संबंधित आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। संगम क्षेत्र में बाढ़ के मौसम को छोड़कर अन्य समय में बिजली, शौचालय जैसी सुविधाएं लगातार उपलब्ध रहती हैं।

महाकुंभ 2025 के बाद संगम क्षेत्र का महत्व बढ़ेगा
महाकुंभ 2025 के बाद संगम क्षेत्र का महत्व और बढ़ जाएगा। इसे अब विश्व पर्यटन के नक्शे पर और चटख रंग में देखा जाएगा। इसके अलावा, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की लगातार भीड़ के कारण संगम क्षेत्र में सुविधाएं बहाल रखने की योजना बनाई गई है।

संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की लगातार भीड़, ट्रैवल एजेंसियां भी तैयार
संगम पर श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ बनी रहेगी, और इसके लिए जिला प्रशासन तथा मेला प्राधिकरण ने जरूरी सेवाओं को जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके तहत संगम और आसपास के क्षेत्र, परेड आदि स्थानों पर चकर्ड प्लेट बिछाने, बिजली, शौचालय, पेयजल जैसी सुविधाओं को बहाल रखने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, प्रयागराज के धार्मिक नगरी काशी और अयोध्या के सर्किट में शामिल होने के कारण ट्रैवल एजेंसियां भी नए टूर पैकेज तैयार कर रही हैं।

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