
अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़े हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों ने मिलकर ईरान के खार्ग द्वीप पर हमले किए हैं। विदेशी मीडिया के मुताबिक, यह हमला एक बड़ा सैन्य अभियान था, जिसमें ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सामरिक क्षमताओं को कमजोर करना था।
बता दें, इजरायल की ओर से ईरान को चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद ईरान के मशहद शहर में रेल सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मशहद के गवर्नर ने शहर के केंद्रीय रेलवे स्टेशन से सभी रेल सेवाओं को निलंबित करने की घोषणा की है। यह आदेश अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा, जिससे मशहद और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा में दिक्कतें उत्पन्न हो सकती हैं।
वहीं, ईरान के कोम शहर के गवर्नर मोर्तेजा हेदरी ने बताया कि अमेरिका और इजरायल ने तेहरान के दक्षिण में स्थित कोम शहर के पास एक पुल पर भी हमला किया है। उन्होंने कहा कि यह हमला कुछ समय पहले हुआ था, जब मिसाइलों से कोम की संचार लाइनों पर स्थित एक पुल को निशाना बनाया गया था। यह हमला प्रांत के पश्चिमी हिस्से में हुआ था, जो ईरान की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
इजरायली सेना ने मंगलवार को बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि उसने ईरान के विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए कई बड़े हमलों को अंजाम दिया। हालांकि, इजरायल ने यह नहीं बताया कि इन हमलों का लक्ष्य कौन से स्थल थे। सेना के बयान में कहा गया कि कुछ समय पहले, इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने ईरान के कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिसमें ईरानी शासन से जुड़े दर्जनों बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा दी गई डेडलाइन मंगलवार को समाप्त हो रही है। ट्रंप ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला, तो ईरान के महत्वपूर्ण संरचनाओं को तबाह कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि ईरान में न पावर प्लांट बचेंगे और न ही पुल, और ईरान एक रात में खत्म हो जाएगा।









