
Makar Sankranti 2026 का पर्व नजदीक आते ही घरों में तैयारियां शुरू हो जाती हैं। मकर संक्रांति को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व माना जाता है और इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में इस दिन खिचड़ी बनाना और दान करना एक पुरानी परंपरा है।
मकर संक्रांति पर खिचड़ी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान करने से ग्रह दोष शांत होते हैं। खिचड़ी को सात्विक भोजन माना गया है, जो शरीर और मन दोनों को शुद्ध करता है। यही वजह है कि स्नान और पूजा के बाद खिचड़ी को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। माना जाता है कि इस दिन खिचड़ी खाने से साल भर स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
क्यों खास होती है उड़द दाल की खिचड़ी
परंपरागत रूप से मकर संक्रांति पर उड़द दाल और चावल से बनी खिचड़ी बनाई जाती है। उड़द दाल शरीर को गर्मी देती है, जो ठंड के मौसम में बेहद लाभकारी मानी जाती है। साथ ही यह ऊर्जा बढ़ाने और पाचन सुधारने में मदद करती है।
इस बार बनाएं पारंपरिक नहीं, शाही खिचड़ी
हर साल एक जैसी सादी खिचड़ी खाने से अगर आप बोर हो गए हैं, तो इस बार इसे दें एक नया और स्वादिष्ट ट्विस्ट। शुद्ध देसी घी, ड्राई फ्रूट्स और खुशबूदार मसालों से बनी शाही खिचड़ी स्वाद और पोषण दोनों में भरपूर होती है। यह खिचड़ी इतनी लाजवाब होती है कि बच्चे और मेहमान बार-बार मांगेंगे।
शाही खिचड़ी बनाने की आसान विधि
सबसे पहले चावल और उड़द या मूंग दाल को धोकर कुछ देर भिगो दें। कुकर में थोड़ा देसी घी डालें और दाल-चावल को हल्का भून लें। अब इसमें नमक और हल्दी डालकर जरूरत अनुसार पानी मिलाएं और 2–3 सीटी आने तक पकाएं। अगर आप चाहें तो इसमें मटर, गोभी या बीन्स जैसी सब्जियां भी डाल सकते हैं।
शाही तड़के से बढ़ेगा स्वाद
एक अलग पैन में देसी घी गर्म करें। इसमें जीरा, हींग, करी पत्ता, सूखी लाल मिर्च, काजू और बारीक कटा लहसुन-अदरक डालें। हल्का भुनने के बाद टमाटर, धनिया पाउडर और थोड़ा गरम मसाला डालें। यह खुशबूदार तड़का खिचड़ी में डालकर अच्छी तरह मिला दें। अंत में ड्राई फ्रूट्स जैसे काजू और बादाम को घी में हल्का फ्राई कर ऊपर से डालें। हरे धनिये से सजाकर गरमागरम परोसें।









