
मकर संक्रांति का पर्व इस साल 14 जनवरी, बुधवार को अनुराधा नक्षत्र में मनाया जाएगा। इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में होंगे और सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन विशेष रूप से षटतिला एकादशी व्रत का भी संयोग बन रहा है, जो विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इसके अलावा, इस दिन सूर्य पूजा और दान के लिए भी श्रेष्ठ समय माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्य 3:06 बजे धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस समय के बाद, श्रद्धालु 8:46 बजे के बाद गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर तिल, चावल, उड़द, गुड़, नमक का दान कर सकते हैं।
मकर संक्रांति के साथ ही खरमास का अंत हो जाएगा, जो एक महीने तक चला था। खरमास समाप्त होने के बाद शुभ कार्यों का आरंभ हो सकेगा। मकर संक्रांति पर सूर्य के उत्तरायण होने से दिन की अवधि बढ़ने लगती है, और यह समय विशेष रूप से पूजा-अर्चना के लिए उत्तम माना जाता है। इसके साथ ही शादी-विवाह के मुहूर्त भी फरवरी में बनने की संभावना है, जब शुक्र ग्रह उदय होगा।
इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि गंगा स्नान के साथ काले तिल, चावल, हल्दी, नमक, उड़द, धान, खिचड़ी, गुड़ आदि का दान करना पुण्यदायक माना जाता है। यह दिन न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे जुड़े शुभ कार्यों में पुण्य की प्राप्ति भी होती है।









