
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवईनगर में सोमवार रात को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें एक कपड़ा कारोबारी के घर में लगी आग ने 6 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में पांच बच्चों और एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई है। यह हादसा शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर लीक होने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
घटना के वक्त परिवार का मुखिया इकबाल घर में नहीं था। वह मस्जिद में नमाज पढ़ने गए हुए थे। इस बीच, रात करीब 9 बजे अचानक आग लगी, जो देखते ही देखते पूरे मकान में फैल गई। आग की चपेट में आकर मकान के अंदर मौजूद छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए। आग के दौरान नीचे बने गोदाम में रखे रेडीमेड कपड़े जलने लगे, जिससे पूरे घर में धुआं भर गया और सीढ़ियां भी आग की चपेट में आ गईं। इस कारण नीचे उतरने का रास्ता भी बंद हो गया।
मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई, और लोगों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ स्थानीय निवासियों ने खुद आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन धुआं इतना ज्यादा था कि आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। इस दौरान, गली में सामने रहने वाले इदरीश के घर से सीढ़ी लगाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को हापुड़ रोड स्थित राजधानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने 25 वर्षीय रुखसार, 3 साल के अद्दस, 6 महीने की दो जुड़वा बहनें नबिया और इनायत, 12 साल की महविश और 4 साल के हम्माद को मृत घोषित कर दिया। इकबाल की पत्नी बानो गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर 2 घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद डीएम डॉ. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पांडे घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि आग बिजली के उपकरण में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी, लेकिन बाकी बिंदुओं पर जांच जारी है।
परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को परिजनों के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और अधिकारियों ने हादसे की जांच के लिए एक टीम का गठन किया है।
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवईनगर में सोमवार रात को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें एक कपड़ा कारोबारी के घर में लगी आग ने 6 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में पांच बच्चों और एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई है। यह हादसा शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर लीक होने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
घटना के वक्त परिवार का मुखिया इकबाल घर में नहीं था। वह मस्जिद में नमाज पढ़ने गए हुए थे। इस बीच, रात करीब 9 बजे अचानक आग लगी, जो देखते ही देखते पूरे मकान में फैल गई। आग की चपेट में आकर मकान के अंदर मौजूद छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए। आग के दौरान नीचे बने गोदाम में रखे रेडीमेड कपड़े जलने लगे, जिससे पूरे घर में धुआं भर गया और सीढ़ियां भी आग की चपेट में आ गईं। इस कारण नीचे उतरने का रास्ता भी बंद हो गया।
मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई, और लोगों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ स्थानीय निवासियों ने खुद आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन धुआं इतना ज्यादा था कि आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। इस दौरान, गली में सामने रहने वाले इदरीश के घर से सीढ़ी लगाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को हापुड़ रोड स्थित राजधानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने 25 वर्षीय रुखसार, 3 साल के अद्दस, 6 महीने की दो जुड़वा बहनें नबिया और इनायत, 12 साल की महविश और 4 साल के हम्माद को मृत घोषित कर दिया। इकबाल की पत्नी बानो गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर 2 घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद डीएम डॉ. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पांडे घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि आग बिजली के उपकरण में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी, लेकिन बाकी बिंदुओं पर जांच जारी है।
परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को परिजनों के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और अधिकारियों ने हादसे की जांच के लिए एक टीम का गठन किया है।









