मेरठ का सोतीगंज- पुलिस तानाशाही के बूते इलेक्शन कार्ड खेल रही है बीजेपी

एशिया का सबसे बड़ा वाहन कटान मार्केट मेरठ का सोतीगंज पुलिस-प्रशासन ने बंद करा दिया है. सोतीगंज के कारोबारियों पर पुलिस का दबाब है कि वह अपना कारोबार बदल दें. पुलिस ने कारोबारियों पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने का भी दबाब बनाया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चंद रोज पहले सोतीगंज बाजार बंदी को यूपी सरकार की उपलब्धि के तौर पर गिनवाया था. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा था कि देश में कहीं भी वाहन चोरी, लूट होता था तो मेरठ के सोतीगंज में काटा जाता था.

पिछले दो-ढाई साल में मेरठ के सोतीगंज में अनगिनत बार पुलिस कार्रवाई हुई है. पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी में इस कारोबार की आड़ में अपराध करने वाले कबाड़ियों पर प्रभावी कार्रवाई की है. कई कबाड़ियों को गंभीर धाराओं में जेल भेजा गया है. उनके खिलाफ गैंगस्टर, गुंडाएक्ट जैसी कार्रवाई की गयी है. कबाड़ के अपराध के जरिये करोड़ो रूपये की सम्पत्ति जुटाने वाले कई कबाड़ियों की जायदाद सरकार ने जब्त कर ली. हाल में ही सैकड़ो लोगो के खिलाफ गुंडाएक्ट की धाराओं में फिर से कार्रवाई की गयी ह

सोतीगंज व्यापार संघ के प्रधान मुहम्मद ताहिर कहते है कि इस बाजार में करीब 400 छोटे-बड़े दुकानदार है. यहां बेचा जाने वाला ऑटो स्पेयर पार्ट्स वैध तरीके से खरीदा और बेचा जाता है. मेरठ के पूर्व एसएसपी अजय साहनी ने यहां बिक्री-खरीद होने वाले सामान की लिखापढ़ी के लिए हर दुकान पर रजिस्टर रखवाया था. हर दुकान के सामने सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे. कई बड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जिसका हमने एकजुट होकर स्वागत किया. पुलिस ने इस कारोबार को अपराधियों से मुक्त कराया था.

लेकिन अब पुलिस की डंडा हमारे ऊपर ही चलने लगा है. पुलिस ने 10 दिसंबर से जबरन बाजार बंद करा दिया है और हमें कहा जा रहा है कि हम अपना कारोबार बदलें. जब हमारा कारोबार वैध है. हम जीएसटी के मुताबिक टैक्स देने वाले दुकानदार है तो फिर हम पर यह तानाशाही क्यों है. रही बात प्रधानमंत्री की तो उन्होने अपने भाषण में सोतीगंज जैसी छोटी जगह के बारे में जो बोला है, उन्हें नही बोलना चाहिए था. वह राजा आदमी है. उन्हें देश-विदेश की बात करनी चाहिए. यह पूछे जाने पर कि क्या पीएम मोदी के भाषण के तथ्य सत्य नही थे, ताहिर कहते है कि हम अपने पीएम को झूठा नही कह सकते, हमारी इतनी हैसियत नही है.

इस बाजार में पुराने-नये टायर बेचने वाले मुहम्मद आबिद बताते है कि कई दशकों से यहां दुकान कर रहा था. हमारे पास खरीदे-बेचे जाने वाले एक-एक टायर का हिसाब-किताब है. अपने जीएसटी का लेखा-जोखा दिखाते हुए आबिद कहते है कि जब एक कारोबारी के तौर पर हम सारे नियम पूरे करते है तो फिर हमें कारोबार करने से क्यों रोका जा रहा है. सिर्फ इसलिए कि हम मुसलमान है. उत्तर-प्रदेश में चुनाव है इसलिए बीजेपी अपने लिए माहौल बनाने की कोशिश में हम लोगों का रोजगार छीन रही है. अफसरों ने हमें बताया है कि ऊपर से आदेश है इसलिए काम बंद करना पड़ेगा. यह ज्यादती है, तानाशाही है. मोदी को हमारे देश के प्रधानमंत्री होते हुए इतने छोटे मुद्दे पर बोलते है, यह उन्हें शोभा नही देता.

सोतीगंज के इस बाजार में करीब 400 दुकानदार है जबकि यहां काम करने वाले मजदूरों की संख्या हजारों में है. इस बाजार में 75 फीसदी दुकानदार मुस्लिम है जबकि 25 फीसदी हिंदू है. यह पूछे जाने पर कि क्या बीजेपी चुनाव से पहले वोटों के ध्रुवीकरण का खेल शुरू कर रही है, इसी बाजार के दुकानदार दिनेश चन्द्र शर्मा कहते है कि जिसको जो करना है करे, हमारे कारोबार से किसी को दिक्कत नही होना चाहिए. हम लीगल तरीके से कारोबार करते है. दिल्ली के मायापुरी और देश के कई शहरों में ओल्ड ऑटो स्पेयर पार्टस के मार्केट है. क्या वहां भी इसे बंद कराया गया है. शर्मा कहते है कि मुसलमान को निशाना बनाने के चक्कर में हम जैसे हिंदूओं का रोजगार भी छीन लिया गया है. हमारा क्या गुनाह है?

शर्मा बताते है कि उनकी दुकान तीन पीढ़ी पुरानी है लेकिन उन्होने 90 के दशक से दुकान संभाली है. बूढ़े हो गये है ऐसे में कौन सा कारोबार यहां जमा पायेगें, समझ नही आता. बीजेपी के वोटर भी है, लेकिन हमारी रोजी छीनने वाली पार्टी को कैसे वोट देगें. हिंदू-मुसलमान एकता से यहां कारोबार करते थे. जो अपराधी रहे, उन्हें जेल भेजने की जिम्मेवारी पुलिस की थी. पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई भी की और हम उस कार्रवाई से खुश भी है. लेकिन अब हमें निशाना बनाया जा रहा है. महज चुनाव के लिए.

इसी बाजार में गाड़ियों की पुरानी लाइटों को रिपेयर करके बेचने वाले शाहिद कहते है कि हमें चंद दिन का वक्त दिया गया है दुकान खोलने के लिए. पुलिस ने कहा कि माल स्क्रैप करो और कारोबार बंद करो. अब हम जैसे मजदूर तो भूखों मर जायेगें. कहां जायेगें हम कारोबार करने. जब पुलिस ने चोरों को जेल भेज दिया तो हमारा क्या गुनाह हो गया. हमें भी चोरों की गिनती में गिन दिया कि हम भी चोर है. गाड़ी काटने वाले तो जेल में है. हमने किसी का क्या बिगाड़ा है.

मेरठ रेंज के आईजी प्रवीण कुमार कहते है कि पुलिस ने ऐसे लोगो के खिलाफ दृढ़ इच्छाशक्ति से कठोर कार्रवाई की है और सराहनीय कार्य किया है. बहुत सारे लोगो को चिह्नित करके 40 करोड़ की सम्पत्ति जब्त की गयी है. हम सकारात्मक संदेश दे रहे है. ऐसे लोग जो वैकल्पिक रोजगार की तलाश में है उनका मार्ग प्रशस्त किया जायेगा. मकसद यह है कि मेरठ में जो जगह बदनुमा दाग की तरह थे, उनकी पहचान अच्छी छवि के रूप में वैश्विक स्तर पर स्थापित की जा सके. पीएम नरेन्द्र मोदी ने पुलिस की जो सराहना की है उससे पुलिस टीम का हौसला बढ़ा है.

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