
Uttar-Pradesh: खुर्जा में हुई बड़ी घटना को लेकर रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि यह हादसा किसी एक विभाग की लापरवाही से नहीं हुआ हैं, बल्कि तीन विभागों के कर्मचारियों की गलती सामने आ रही है। वहीं जांच पूरी नहीं होने तक किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है।
आपको बता दें कि, ऑपरेटिंग विभाग के स्तर से लापरवाही अधिक पाई गई है, क्योंकि एक ट्रेन के ट्रैक से निकलने के बाद भी दूसरी ट्रेन को क्लियर सिग्नल दे दिया गया। स्टेशन मास्टर के निर्देश पर कर्मचारियों ने ट्रैक से दूसरी ट्रेन को गुजरने के लिए रास्ता बना दिया था। गनीमत रही कि दोनों ट्रेनें 150 मीटर की दूरी पर रुक गईं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे बोर्ड ने जांच पूरी कर मामले की रिपोर्ट जल्दी से मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि, मुरादाबाद मंडल के रोजा में 10 दिन पहले हुई एक दुर्घटना में गरीबरथ एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना में रेलवे क्रॉसिंग पर कोई आधिकारिक फाटक नहीं था, जो हादसे का मुख्य कारण बना। घटना के बाद उस स्थान को चारदीवारी से बंद कर दिया गया है ताकि भविष्य में किसी अन्य दुर्घटना को रोका जा सके।
वहीं, रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक में संरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मानवीय भूल को हादसे का कारण न बनने दिया जाए। एक ट्रेन में सवार 1000 परिवारों की खुशियां होती हैं, इसलिए ट्रेन संचालन में अत्यधिक सावधानी और सतर्कता जरूरी है।
बता दें कि, खुर्जा में हुई घटना के बाद, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कारण पूछा था कि एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनें कैसे आ गईं। इसके बाद इंजनियरिंग के अधिकारी संग्रह मौर्य को डीआरएम पद से हटा दिया गया है। हालांकि, मंडलीय अधिकारियों ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की और इसे रेलवे बोर्ड और मंत्रालय स्तर का निर्णय बताया। सूत्रों के अनुसार, खुर्जा घटना की जांच करने के लिए एक टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही रिपोर्ट रेल मुख्यालय भेजी जाएगी।
सीनियर डीसीएम ने कहा कि रेलवे बोर्ड की वीसी बैठक में संरक्षा मामलों पर हर महीने चर्चा होती है और सभी विभागों को दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। खुर्जा मामले में फिलहाल जांच जारी है, इसके बाद ही इस पर कोई निर्णय लिया जा सकेगा।









