मुंद्रा पोर्ट की 200 एमएमटी कार्गो हैंडलिंग से भारतीय समुद्री व्यापार में नया अध्याय

मुंद्रा पोर्ट ने 200 एमएमटी कार्गो हैंडलिंग का ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया, बनते हुए भारत का पहला पोर्ट जो इस आंकड़े को पार कर गया। अदाणी पोर्ट्स ने 41.5 एमएमटी कार्गो के साथ 9% वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जिससे भारत के व्यापारिक प्रभाव को नई ऊंचाइयां मिलीं।

देश के सबसे बड़े निजी बंदरगाह, मुंद्रा पोर्ट ने हाल ही में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस पोर्ट ने 200 एमएमटी (मिलियन मेट्रिक टन) से अधिक कार्गो हैंडल कर भारत का पहला ऐसा पोर्ट बनने का गौरव प्राप्त किया। यह न केवल एक आंकड़ा है, बल्कि भारत के बढ़ते व्यापारिक प्रभाव का प्रतीक भी है।

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एपीएसईजेड) ने मार्च 2025 में 41.5 एमएमटी कार्गो के साथ अपनी अब तक की सबसे बड़ी कार्गो हैंडलिंग का रिकॉर्ड बनाया, जिसमें 9% की वार्षिक वृद्धि देखने को मिली। इस वृद्धि में प्रमुख योगदान कंटेनर (+19%) और लिक्विड-गैस (+5%) का था।

इस वित्तीय वर्ष में मुंद्रा पोर्ट ने कुल 200.7 एमएमटी कार्गो हैंडल किया, जिससे यह 200 एमएमटी के आंकड़े को पार करने वाला पहला भारतीय पोर्ट बन गया। यह भारत की लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक है। इसके साथ ही, विझिंजम पोर्ट ने 1 लाख टीईयू (Twenty-foot Equivalent Unit) का आंकड़ा पार कर एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया।

पूरे वित्त वर्ष 2025 में एपीएसईजेड ने 450.2 एमएमटी कार्गो हैंडल किया, जिसमें कंटेनर (+20%) और लिक्विड-गैस (+9%) का मुख्य योगदान रहा। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स रेल वॉल्यूम 0.64 मिलियन टीईयू (+8%) और जीपी-डब्लू-आईएस वॉल्यूम 21.97 एमएमटी (+9%) तक पहुंच गया।

भारत में समुद्री व्यापार का भविष्य

भारत के समुद्री व्यापार की सफलता की कहानी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। देश, जो कभी सीमित संसाधनों के साथ शुरुआत करता था, आज अपनी बंदरगाहों के जरिए वैश्विक व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। कार्गो हैंडलिंग, जो पहले एक साधारण प्रक्रिया मानी जाती थी, अब आर्थिक विकास की धुरी बन चुकी है।

आधुनिक मशीनरी, स्मार्ट पोर्ट्स, और ऑटोमेटेड लॉजिस्टिक्स ने भारत के बंदरगाहों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। भारत अब न केवल अपनी लॉजिस्टिक्स और बंदरगाह संरचना को आधुनिक बना रहा है, बल्कि वह दुनिया के बड़े व्यापारिक केंद्रों की सूची में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। कार्गो हैंडलिंग अब केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का इंजन बन चुकी है। आधुनिक तकनीक और सुव्यवस्थित लॉजिस्टिक्स के साथ, भारत अपने समुद्री व्यापार को नए मुकाम तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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