
भारतीय सेना की 90 पैरा ब्रिगेड द्वारा म्यांमार के मंडाले में स्थापित फील्ड हॉस्पिटल अब पूरी तरह से संचालन में आ चुका है। इस 200-बेड के अस्पताल में सर्जिकल और इन-पेशेंट देखभाल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
भारत ने अपनी राहत सहायता के तहत एक और जहाज भेजा है। आईएनएस घड़ियाल, जो 440 टन राहत सामग्री (चावल, खाद्य तेल और दवाइयां) लेकर मंगलवार (1 अप्रैल 2025) को विशाखापत्तनम बंदरगाह से रवाना हुआ, 4 अप्रैल देर रात या 5 अप्रैल सुबह तक यांगून पहुंचेगा। यह सहायता भारत द्वारा ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत म्यांमार में भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के लिए भेजी जा रही है।
मंगलवार (1 अप्रैल 2025) को म्यांमार के मंडाले के मुख्यमंत्री म्यो आंग ने फील्ड हॉस्पिटल का दौरा कर इसकी सुविधाओं की समीक्षा की। भारतीय सेना के अधिकारियों के अनुसार, “ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भारतीय सेना के 118 जवानों वाली मेडिकल टीम ने इस अस्पताल को स्थापित किया है। इसे दो भारतीय वायुसेना के C-17 भारी-भरकम परिवहन विमानों की मदद से तैनात किया गया था और अब यह पूरी तरह से तैयार है।”
यह फील्ड हॉस्पिटल आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए पूरी तरह सुसज्जित है और संकटग्रस्त लोगों को जरूरी चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। यह भारत की मानवीय राहत प्रयासों के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारतीय नौसेना के आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री 31 मार्च 2025 की रात को लगभग 40 टन राहत सामग्री लेकर यांगून पहुंचे। वहीं, अंडमान और निकोबार कमान से 30 मार्च को रवाना हुए आईएनएस कर्मुक और एलसीयू 52 नामक दो अन्य जहाज भी मंगलवार (1 अप्रैल 2025) की सुबह यांगून पहुंचे। ये जहाज लगभग 30 टन राहत सामग्री लेकर गए हैं। इसके अलावा, भारतीय वायुसेना का C-130 विमान भी मंडाले पहुंचा, जिसमें दवाइयां, पेयजल और जनरेटर जैसी राहत सामग्री भेजी गई है।