National Naturopathy Day: जानें महात्मा गांधी ने क्यों की इस खास दिन की शुरुआत…

भारत में हर साल 18 नवंबर को राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस (National Naturopathy Day) मनाया जाता है। महराजगंज के महुअवा में स्थित पंचतत्व प्राकृतिक चिकित्सालय में प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाया गया। एक तरफ जहां पूरे देश मे प्राकृतिक चिकित्सा दिवस पर अनेक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। वही दुनिया की चकाचौंध से दूर उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन्य जीव क्षेत्र में स्थापित मेरिटोरियस एकेडमी स्कूल की डायरेक्टर डॉ उषा उपाध्याय पिछले कई वर्षों से,प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से स्कूल के बच्चों और समाज की काया को निरोग बनाने में जुटी हुई हैं।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से उपचार में बहुत विश्वास था। महात्मा गांधी ने आज ही के दिन 18 नवंबर 1945 को ‘ऑल इंडिया नेचर क्योर फाउंडेशन ट्रस्ट’ की स्थापना की थी। इसीलिए आज़ादी के बाद देश में प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने 18 नवंबर को प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर हमारे संवाददाता जे.बी.सिंह ने महराजगंज प्राकृतिक चिकित्सक डाक्टर उषा उपाध्याय से खास बातचीत किया। बातचीत के दौरान डाक्टर उषा उपाध्याय ने बताया की प्राकृतिक चिकित्सा पद्दति से सभी बीमारी का इलाज होता है। इस पद्दति से न केवल उस बीमारी का इलाज होता है बल्कि मरीज के पुरे शरीर का इलाज हो जाता है।

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