
उत्तराखंड में सत्तासीन भाजपा सरकार जहां मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियों में जुटी है तो वहीं कांग्रेस के सामने अब भी कार्यकारिणी घोषित करने और गुटबाजी को समाप्त करना बड़ी चुनौती बन गई है। उत्तराखंड में एक तरफ सियासी समीकरण जहां लोकसभा चुनाव की तैयारियां की रणनीति बिछाने में दिख रहे है तो वहीं बीजेपी और कांग्रेस के सामने नई मुसीबते मुंह बांये खड़ी नजर आ रही है।
उत्तराखंड में सत्तासीन धामी सरकार अपने जहां मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियों में जुटी है और उसके लिए केंद्रीय नेतृत्व के साथ साथ प्रदेश नेतृत्व से भी सलाह मसुवरा कर रहे है तो दूसरी तरफ विपक्षी पार्टी कांग्रेस अब भी अपनी ही उलझनों में उलझी हुई नजर आ रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा अभी भी दिल्ली दौरे पर है जिसमे राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात कर कार्यकारणी और पार्टी के दूसरे विषयों पर चर्चा कर रहे है।
लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बीजेपी राज्य के भीतर मंत्रिमंडल विस्तार के भी तैयारियां कर रही है जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली दौरे से लौट कर जल्द ही बीजेपी विधायकों को सरकार में नए मंत्रियों की ओर पार्टी नेताओं को दायित्वों को सौगात दे सकते है। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता डॉक्टर देवेंद्र भसीन की माने तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपने मंत्रिमंडल में यह विस्तार कर लेना चाहिए इससे उन्हें सरकार के कामों में और सहयोगी मिल जाएंगे और राज्य की जनता को विकास का लाभ और तेज गति से मिलने लगेगा।
दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी अब भी भाजपा नेताओं को नसीहत दे रही है की उन्हे अपना घर देखना चाहिए और न की विपक्षी पार्टी की मुश्किलें । कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस की तैयारी पूरी हो और भाजपा को जनता भी सबक सिखाना चाहती है।
उत्तराखंड में सियासी दल भले ही एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हो लेकिन सियासी दलों की अपनी मुश्किलें है कम होती हुई भी नजर नहीं आ रही है । सत्ताधारी दल भाजपा की बात करें तो भाजपा के सामने मंत्रिमंडल विस्तार से लेकर दायित्व बंटवारे में पार्टी नेताओं को ऐजेस्ट करना उन्हे संतुष्ट करना बड़ी चुनौती है तो मुख्य विपक्षी पार्टी के सामने कार्यकारिणी घोषित करना और नेताओं के बीच चल रही आपसी गुटबाजी को समाप्त करना सबसे बड़ी चुनौती है । क्योंकि इन्ही चुनौतियों के चलते चुनाव के दौरान सियासी दलों की रणनीतियो पर पानी फेर सकती है ।









