NMRC Calendar Controversy: NMRC का कैलेंडर बना विवाद की वजह, जन्मदिन वाले महीनों में IAS अधिकारियों की तस्वीरों पर मचा हंगामा

NMRC Calendar Controversy: नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) के आधिकारिक 2026 कैलेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कैलेंडर के दो पन्नों पर शीर्ष IAS अधिकारियों की तस्वीरें उनके जन्मदिन वाले महीनों में छपी हैं। इस पर NMRC के मैनेजिंग डायरेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आमतौर पर सरकारी एजेंसियों के कैलेंडर में परियोजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक कार्यक्रमों की झलक देखने को मिलती है, लेकिन इस बार NMRC के कैलेंडर में कुछ अलग ही नजर आया। कैलेंडर के दो अलग-अलग महीनों में निगम के शीर्ष अधिकारियों की व्यक्तिगत तस्वीरें शामिल की गई हैं। 

अप्रैल में MD की तस्वीरें

कैलेंडर के अप्रैल महीने के पन्ने पर NMRC के मैनेजिंग डायरेक्टर लोकेश एम की दो तस्वीरें छपी हैं। लोकेश एम उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं और साथ ही नोएडा अथॉरिटी के CEO (Chief Executive Officer) भी हैं। वह 2005 बैच के IAS अधिकारी हैं और उनका जन्मदिन 3 अप्रैल को पड़ता है। एक तस्वीर में वह सितार बजाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में वह एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों के कैलेंडर में शामिल होने से कई सवाल खड़े हो गए।

जुलाई में दिखे एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर

इसी तरह जुलाई महीने के पन्ने पर NMRC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर महेंद्र प्रसाद की दो तस्वीरें हैं। वह 2014 बैच के IAS अधिकारी हैं और नोएडा अथॉरिटी में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) के तौर पर तैनात हैं। उनका जन्मदिन 5 जुलाई को आता है। एक तस्वीर में वह मेट्रो कॉरिडोर में चलते हुए दिख रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में वह एक कार्यक्रम के दौरान मंच से संबोधित कर रहे हैं।

बिना अनुमति इस्तेमाल हुई तस्वीरें

जब इस असामान्य चयन को लेकर सवाल उठे, तो NMRC के मैनेजिंग डायरेक्टर लोकेश एम ने साफ कहा कि उनकी तस्वीरें उनकी अनुमति के बिना कैलेंडर में छापी गई थीं। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें इस बात की जानकारी मिली, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। लोकेश एम के अनुसार, सितार बजाते हुए वाली तस्वीर उस समय की है जब उन्होंने नोएडा अथॉरिटी के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मंच पर वंदे मातरम प्रस्तुत किया था।

सरकारी हित बनाम निजी छवि

वहीं, महेंद्र प्रसाद ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कैलेंडर में कुछ भी व्यक्तिगत या व्यावसायिक नहीं है। उनके मुताबिक, यह पूरी तरह सरकारी हित में किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि तस्वीर किसी ऐसे व्यक्ति की नहीं है, जिसके पास कोई आधिकारिक पद न हो।

अन्य कैलेंडरों से अलग दिखा NMRC

सूत्रों के अनुसार, यह कैलेंडर केंद्र सरकार के कार्यालयों में अन्य सरकारी संस्थाओं के कैलेंडरों के साथ वितरित किया गया। हालांकि NMRC का कैलेंडर इसलिए अलग नजर आया, क्योंकि अन्य संस्थाओं के कैलेंडरों में परियोजनाओं, कलाकृतियों और सामूहिक कार्यक्रमों की तस्वीरें थीं, जिनमें अधिकारी समूह में दिखाई दे रहे थे।

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