गुरू तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस पर सीएम योगी समते तमाम नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

गुरू तेग बहादुर दस गुरूओं में से नौवें थे, जिन्होंने 1665 में सिख धर्म की स्थापना की मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, गुरु तेग बहादुर का जन्म पंजाब के अमृतसर में हुआ था। उनके बचपन का नाम त्यागमल था।

गुरू तेग बहादुर दस गुरूओं में से नौवें थे, जिन्होंने 1665 में सिख धर्म की स्थापना की मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, गुरु तेग बहादुर का जन्म पंजाब के अमृतसर में हुआ था। उनके बचपन का नाम त्यागमल था।

उनके पिता का नाम गुरु हरगोबिंद सिंह था। वे बचपन से ही एक संत, शक्तिशाली दिमाग, उदार दिमाग, बहादुर और साहसी थे। जिन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा करते हुए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। 8वें सिख गुरु हरिकृष्ण राय जी की अकाल मृत्यु के कारण गुरु तेग बहादुर को गुरु बनाया गया था।

महज 14 साल की उम्र में उन्होंने मुगलों के हमले के खिलाफ अपने पिता के साथ युद्ध में अपनी वीरता दिखाई।  इस वीरता से प्रभावित होकर उनके पिता ने उनका नाम तेगबहादुर रखा, यानी तलवार का धनी।

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महान संत, असाधारण योद्धा, धर्म एवं मानवता के रक्षक, ’हिन्द दी चादर’ के नाम से प्रख्यात सिखों के नौवें गुरु श्री तेग बहादुर जी महाराज को उनके बलिदान दिवस पर कोटिशः नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि। मानवीय मूल्यों की रक्षा को समर्पित आपका पूरा जीवन मानव समाज के लिए एक महान प्रेरणा है। Yogi Adityanath (@myogiadityanath) 8 Dec 2021

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