
जैसे जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है केंद्र सरकार भी इसको लेकर अपनी तैयारियों में जुट चुकी है। देश भर में आम चुनाव से पहले एक देश एक चुनाव को लेकर चर्चाओं का माहौल गर्म होता नजर आ रहा है। खबर है कि गुरुवार यानी 14 मार्च को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति इसे लेकर अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप सकती है। यह समिति केंद्र के तरफ से बनाई गई थी, जो एक साथ चुनाव कराने के लिए संविधान के अंतिम पांच अनुच्छेदों में संशोधन की सिफारिश कर सकती है। इस रिपोर्ट में सरकार चुनाव कराने के लिए एक एकल मतदाता सूची पर भी फोकस करेगी।
गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में इस समिति को संवैधानिक ढांचे को ध्यान में रखते हुए लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों के लिए एक साथ चुनाव कराने की संभावनाओं को तलाशने के लिए बनाया गया था। जिसके अध्यक्ष देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हैं।
इस समिति में उनके अलावा गृह मंत्री अमित शाह, राज्यसभा में विपक्ष के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद, वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एन.के. सिंह, पूर्व लोकसभा महासचिव सुभाष कश्यप और सीनियर वकील हरीश साल्वे भी शामिल हैं. राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी शामिल हैं। ऐसे में अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति ने लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनाव एक साथ कराने वाली सिफारिश के लिए अपना रिपोर्ट तैयार कर चुकी है। जो आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा जाएगा।









