
Delhi: पिछले कुछ वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, और इसका प्रमुख कारण सरकार द्वारा दिए गए प्रोत्साहन और सहयोग को माना जा रहा है। इस बढ़ती स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी भी अहम रूप से बढ़ी है। मौजूदा समय में भारत में लगभग 73,000 स्टार्टअप्स हैं, जिनमें कम से कम एक महिला डायरेक्टर मौजूद है, जो महिलाओं की इस क्षेत्र में बढ़ती उपस्थिति और लीडरशिप की ओर इशारा करता है।
महिला नेतृत्व में वृद्धि
मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के तहत पिछले कुछ वर्षों में 1.57 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को समर्थन दिया गया है। इनमें से 73,000 स्टार्टअप्स में महिलाओं का योगदान साफ तौर पर दर्शाता है कि न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, बल्कि वे टॉप लीडरशिप पोजीशन्स पर भी पहुंच रही हैं। भारत के प्रमुख शहर जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर अब इनोवेशन के केंद्र बन चुके हैं, जहां महिलाएं भी सक्रिय रूप से अपनी पहचान बना रही हैं।
स्टार्टअप्स के विकास में सरकार का योगदान
सरकार के अनुसार, सस्ती इंटरनेट सुविधा और एक युवा, गतिशील कार्यबल ने कई क्षेत्रों में स्टार्टअप्स के विकास को बढ़ावा दिया है, जिनमें फिनटेक, एडटेक, हेल्थ-टेक और ई-कॉमर्स प्रमुख हैं। इसके अलावा, कृषि, रक्षा और स्पेस जैसे नए क्षेत्रों में भी स्टार्टअप्स को प्रमोट किया जा रहा है। सरकार द्वारा स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जैसे कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, करों में छूट और वित्तीय सहायता।
वैश्विक पहचान के साथ स्टार्टअप्स की सफलता
2016 में शुरू हुआ स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम आज देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला चुका है। भारत के प्रमुख स्टार्टअप्स जैसे BYJU’S, Zomato, Ola और Nykaa न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुके हैं। वर्तमान में, भारत दुनिया के सबसे वाइब्रेंट और तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक बन चुका है।
सरकार द्वारा दी जाने वाली मदद
सरकार द्वारा स्टार्टअप्स को विभिन्न पहलुओं में सहयोग किया जाता है। स्टार्टअप इंडिया स्कीम, भारत स्टार्टअप नॉलेज एक्सेस रजिस्ट्री प्लेटफॉर्म, और अटल इनोवेशन मिशन (AIM) जैसी योजनाओं के माध्यम से स्टार्टअप्स को आवश्यक मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता मिलती है। इसके अलावा, नेशनल इनिशिएटिव फॉर डेवलपिंग एंड हार्नेसिंग इनोवेशन (NIDHI) जैसे कार्यक्रम भी इनोवेटर्स को बुनियादी ढांचा और आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें अपने आइडिया को साकार करने में मदद मिलती है।









