
रामनगर के पुछड़ी शक्तिनगर एवम अन्य कई क्षेत्रों में वन विभाग द्वारा वन भूमि पर रह रहे ग्रामीणों को अनाउन्समेन्ट के माध्यम से 3 दिनों में जगह खाली करने को कहां गया है. तब से ही वर्षों से वन भूमि पर रह रहे लोगों मे आक्रोश देखा जा रहा है. ग्रामीण आशियाना टूटने के डर से डरे सहमे हैं. और सरकार के इस फैसले के खिलाफ लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.
उसी क्रम में आज रामनगर के वन परिसर में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया. जिसमें कई राजनैतिक व गैर राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा जनप्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की. इस दौरान समिति का गठन किया गया. इस समिति का कार्य पीड़ितों को न्याय दिलाना है.
महापंचायत के दौरान वक्ताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज सरकार जिन्हें उजाड़ने का काम कर रही है तो वही उन्हें बसाने की कोई नीति सरकार के पास नहीं है. वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड में लैंड जिहाद नहीं बल्कि लैंड लूट का काम कर रही है.
वक्ताओं ने कहा कि गरीबों को उजाड़ने पर तुली रही तो रामनगर में किसी भी भाजपा नेता को घुसने नहीं दिया जाएगा और उस नेता का पुरजोर विरोध किया जाएगा. वक्ताओं ने सरकार से गरीबों को उजाले जाने वाली नीति का विरोध करते हुए कहा कि सरकार और संबंधित विभाग गरीब जनता के हित में अपने निर्णय को वापस ले अन्यथा भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने को भी तैयार रहें.









